मुंबई। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.1 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। जापानी ब्रोकिंग कंपनी नोमुरा के मुताबिक इसमें विस्तार की संभावना सिर्फ अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में दिख रही है। नोमुरा ने अनुमान जताया है कि 2020 में आर्थिक वृद्धि को सहारा देने के लिए रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में 0.75 प्रतिशत की और कटौती कर सकता है।
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रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने के बाद नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मुद्रास्फीति को ध्यान में रखकर नीतिगत दरें तय करने के पारंपरिक तरीके को रोक दिया जाएगा। इसके स्थान पर वृद्धि पर नजर रखते हुए दरें तय की जाएंगी।
नोमुरा ने कहा कि जनवरी-मार्च में जीडीपी वृद्धि 3.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-जून में इसमें 6.1 प्रतिशत की कमी आएगी। बाद में जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 0.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जबकि साल के अंत तक अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इसके 1.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संकट ने देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। इसके प्रसार को सीमित करने के लिए देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन (सार्वजनिक पाबंदी) लागू किया गया है। इससे देशभर में आर्थिक गतिविधियों पर लगभग विराम लग गया है।