लंदन। भारतीय मूल के कारोबारी संजीव गुप्ता के लिबर्टी हाउसग्रुप ने टाटा स्टील की घाटे में चल रही ब्रिटिश इकाई के अधिग्रहण के लिए लेटर ऑफ इंटेंट मंगलवार को जमा किया। भारतीय स्टील कंपनी की ब्रिटेन में संपत्ति साउथ वेल्स में पोर्ट बालबोट स्टीलवर्क्स है। यह ब्रिटेन की सबसे बड़ी कंपनी है और इसमें करीब 4,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।
लिबर्टी के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम इसकी पुष्टि कर सकते हैं कि लिबर्टी ने टाटा स्टील को आज (मंगलवार) आशय पत्र सौंप दिया और एक मजबूत आंतरिक सौदा निगरानी समिति बनाई है तथा बाहर से लिये गये प्रमुख सलाहाकारों की टीम बोली को आगे बढ़ाएगी।’ टाटा की अन्य संपत्ति में न्यूपोर्ट तथा रोथेरहाम हैं। न्यूपोर्ट में 1,300 कर्मचारी जबकि रोथरहाम में 1,200 कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे पहले, लिबर्टी ने टाटा स्टील के स्वामित्व वाले स्कॉटलैंड स्थित दो संयंत्रों का अधिग्रहण किया था। टाटा समूह ने संकेत दिया है कि वह खरीदार की तलाश कर रहा है, जो ब्रिटेन में उसकी सभी बची संपत्ति का अधिग्रहण कर सके।
टाटा स्टील की ब्रिटिश इकाई को पिछले कई वर्षों से लगातार घाटा हो रहा है। इसके कारण भारतीय कंपनी ने इससे बेचने का फैसला किया है। टाटा के इस फैसले के बाद हाजारों की संख्या में कर्मचारियों के बेरोजगार होने का खतरा है। इसी को देखते हुए ब्रिटेन की सरकार ने तुरंत बेचने से मना किया है।



































