नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली UPA सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने बैंकों के मौजूदा डूबे कर्ज यानि NPA को UPA सरकार का घोटाला बताया है। बुधवार को उद्योग संगठन फिक्की की 90वीं सालाना बैठक में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि NPA घोटाला तो कॉमनवेल्थ, 2G और कोलगेट घोटाले से भी बड़ा है और यह घोटाला पिछली UPA सरकार के कार्यकाल में हुआ है।
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उन्होंने कहा कि पिछले सरकार में बैठो लोगों ने बैंकों पर दबाव डालकर कुछ विशेष उद्योगपतियों को कर्ज दिलवाने में मदद की। उन्होंने कहा कि पिछली UPA सरकार के दौरान सरकार में बैठे लोग, बैंक जगत, उद्योग जगत के लोग और बाजार से जुड़ी संस्थाएं जानती थीं कि गलत हो रहा है, उन्होंने फिक्की से पूछा की जब कुछ विशेष उद्योगपतियों को कर्ज दिया जा रहा था तो फिक्की जैसी संस्थाएं कहां बैठी थीं?
गौरतलब है कि भारतीय बैंकों और देश की अर्थव्यवस्था पर पर NPA का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। बैंक कई उद्योगों और उद्योगपतियों को दिए कर्ज को वसूलने में असफल होते नजर आ रहे हैं जिस वजह से NPA में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक देश में कुल NPA 10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने FRDI बिल को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर भी सफाई दी, उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों में पैसा जमा कराने वाले लोगों के अधिकार और हितों की सुरक्षा के लिए काम कर रही है लेकिन इसके बारे में बिल्कुल उल्टा जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने फिक्की से आग्रह किया कि इस तरह की अफवाहों को दूर करने में मदद करें।