नई दिल्ली। पंजाब व महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक में हुए घोटाले को लेकर जांच टीम ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच टीम को जांच के दौरान पता चला कि बैंक के रिकॉर्ड से कुल 10.5 करोड़ रुपए का कैश गायब है। पीएमसी बैंक की आंतरिक जांच कर रही टीम को जो चेक मिले हैं, उनको देखने से पता चलता है कि 10 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी इन चेक से की गई है। बाकी के 50 लाख रुपए का अभी तक कोई हिसाब नहीं मिल सका है।
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जांच टीम को घोटाले में आरोपी रियल एस्टेट कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) और इसकी संबंधित कंपनियों द्वारा जारी किए गए कई चेक मिले हैं, जिसे कभी बैंक में जमा ही नहीं किया गया। बताया जाता है कि इन चेक को जमा किए बगैर ही उन्हें कैश दे दिया गया।
जांच टीम के मुताबिक, दरअसल ये घोटाला 4,355 करोड़ का नहीं, बल्कि 6500 करोड़ रुपए से ज्यादा का है। अभी तक की जांच के मुताबिक, पीएमसी बैंक घोटाला 4355 करोड़ का नहीं, 6500 करोड़ से भी ज्यादा का हो सकता है। जांच से पता चलता है एचडीआईएल और उससे जुड़ी कंपनियां कैश चाहती थीं। उन्होंने पिछले दो साल में बैंक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) जॉय थॉमस को चेक भेजे। थॉमस ने उन्हें चेक के बदले कैश दिए, लेकिन उन्हें बैंक में जमा नहीं कराया। बैंक के रिकॉर्ड बुक में इन चेकों की कोई एंट्री तक नहीं है। इस जांच से पता लगता है कि 10 करोड़ के ऊपर जिस भी रकम का अब तक कुछ पता नहीं चला है, उसे थॉमस ने अपने पास रख लिया था।
अब तक 5 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
गौरतलब है कि इस घोटाले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच की जा रही है। पीएमसी बैंक घोटाले में अब तक बैंक के पूर्व निदेशक सुरजीत सिंह अरोड़ा, बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस, एचडीआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राकेश वधावन, उनके पुत्र सारंग वधावन और पीएमसी बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है और पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियों की जांच में अभी इस घोटाले में और भी बड़े राज सामने आ सकते हैं।