औद्योगिक श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी 2019 में बढ़कर 6.6 प्रतिशत रही। इसकी अहम वजह निश्चित खाद्य वस्तुओं की कीमतें बहुत ऊंची रहना है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी।
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औद्योगिक श्रमिकों के लिए अलग से तैयार किया जाने वाला उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) पिछले साल जनवरी में 5.11 प्रतिशत था। दिसंबर 2018 में यह मुद्रास्फीति 5.24 प्रतिशत रही थी। इस अवधि में खाद्य मुद्रास्फीति 0.97 प्रतिशत बढ़ी है जो दिंसबर 2018 में 0.96 प्रतिशत घटी थी। वहीं जनवरी 2018 में यह 3.36 प्रतिशत थी।
बयान के अनुसार जनवरी 2019 के लिए अखिल भारतीय स्तर पर सीपीआई-आईडब्ल्यू छह अंक बढ़कर 307 अंक रहा। दिसंबर से तुलना करने पर यह 1.99 प्रतिशत बढ़ा है जबकि जनवरी 2018 की तुलना में यह 0.70 प्रतिशत बढ़ा है।