नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL)ने अफ्रीकी खुदरा तेल कंपनी जीएपीसीओ में अपनी संपूर्ण हिस्सेदारी फ्रांस की टोटल एसए को बेचने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, कंपनी ने सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार टोटल पहले ही अफ्रीका में पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख खुदरा विक्रेता है, वह केन्या, यूगांडा तथा तंजानिया में गल्फ अफ्रीका पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएपीसीओ) की संपत्ति का अधिग्रहण करेगी।
आरआईएल ने 2007 में अफ्रीका के तीव्र वृद्धि वाले क्षेत्रों में ईंधन स्टेशन तथा भंडारण सुविधाएं खरीदी थीं। गल्फ अफ्रीका पेट्रोलियम कॉरपोरेशन एक होल्डिंग कंपनी है, जिसका गठन मॉरीशस में हुआ था। यह केन्या, यूगांडा तथा तंजानिया से जुड़ी है। इसमें आरआईएल की विदेश इकाई रिलायंस एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन डीएमसीसी की 76 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि शेष हिस्सेदारी फार्चुन ऑयल कॉरपोरेशन, मॉरीशस के पास है।
डीएलफ संशोधित कीमत पर पीवीआर को बेचेगी 32 स्क्रीन
अचल संपत्ति का कारोबार करने वाली कंपनी डीएलएफ ने अपने डीटी सिनेमा की 32 स्क्रीन मल्टीप्लेक्स कंपनी पीवीआर को बेचने का एक संशोधित समझौता किया है। इसके तहत वह ये स्क्रीन 433 करोड़ रुपए में बेचेगी। डीएलएफ ने कहा कि उसकी अनुषंगी डीएलएफ यूटिलिटीज (डीयूएल) ने पीवीआर के साथ डीटी सिनेमा ब्रांड से संचालित अपने सिनेमाघर कारोबार को बेचने का एक संशोधित समझौता किया है। इसे थोक में 433 करोड़ रुपए के संशोधित मूल्य पर बेचा जाएगा। प्रतिस्पर्धा आयोग इस समझौते को इसी महीने मंजूरी दे चुका है।
पिछले साल जून में पीवीआर ने कहा था कि वह डीटी सिनेमा को 500 करोड़ रुपए में खरीदेगी। इससे पहले फरवरी 2010 में इसी तरह का एक समझौता बीच में ही टूट गया था। सभी विभागों से आवश्यक मंजूरी मिल जाने पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और चंडीगढ़ में परिचालित डीयूएल के 32 स्क्रीन पीवीआर के खाते में चले जाएंगे। पहले यह समझौता डीएलएफ की 39 स्क्रीन के लिए हुआ था, जिनमें कुल मिला कर करीब 9,000 सीटे हैं।