अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में जेल में बंद अनुकल्प मिश्रा के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। अनुकल्प की चाची नेहा की शिकायत पर इनायतनगर पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नेहा का आरोप है कि कोर्ट से मिला उनका कमरा 28 अप्रैल को तोड़कर उसमें रखा सामान बाहर निकाल दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
30 अप्रैल को नेहा अपनी मां, बहनों और चाची के साथ ससुराल पहुंचीं, जहां उन पर हमला किया गया। एफआईआर के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा समेत सभी आरोपियों ने डंडों से मारपीट की। नेहा ने आरोप लगाया कि उनका मोबाइल, पर्स और 20 हजार रुपये छीन लिए गए, जबकि उनकी बहन का आईफोन तोड़ दिया गया।
नेहा का आरोप है कि उनके पति ने गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और उनके साथ छेड़छाड़ भी की। शिकायत में अनुकल्प मिश्रा और सोमेंद्र पर नेहा की बहन खुशी से मारपीट कर उसके कुंडल और चेन छीनने का भी आरोप है।
नेहा की दूसरी बहन और मां के साथ भी मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाया गया है।
इनायतनगर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अनुकल्प मिश्रा कौन है?
अनुकल्प मिश्रा, अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के बसावां गांव का निवासी है। वह श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में दानराशि की गिनती और रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारी निभा रहा था। एसआईटी ने जब राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच शुरू की तो अनुकल्प का नाम आरोपी के तौर पर प्रमुख रूप से सामने आया। एफआईआर में उसके भाई लवकुश मिश्रा का नाम भी शामिल है। अनुकल्प के पास से रिकवरी भी हुई है।
अनुकल्प के रिश्तेदारों का भी कहना था कि मंदिर में सेवा देने के बाद से अनुकल्प की आर्थिक स्थिति में अचानक सुधार हुआ था।
आज है ट्रस्ट की बैठक
आज दोपहर 3 बजे राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक भी है, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार किया जाएगा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की जाएगी। गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी होने के बाद से ट्रस्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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