हवाई टिकटों के मनमाने और महंगे किराये पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। शुक्रवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इन नियमों को प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है और अगले दो हफ्तों के अंदर इन्हें प्रकाशित कर दिया जाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नए नियम लागू होने के बाद हवाई टिकटों की कीमतों पर कितना असर पड़ेगा और क्या यात्रियों को महंगे किराये से राहत मिलेगी। इस बीच इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को हवाई किराये से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस अपरेश सिंह की पीठ को बताया कि नियमों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि नियमों को प्रशासनिक मंजूरी भी मिल गई है और इन्हें दो सप्ताह के भीतर प्रकाशित कर दिया जाएगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि प्रकाशित नियमों को 16 नवंबर को अगली सुनवाई के दौरान अदालत के सामने पेश किया जाए।
मनमाने हवाई किराये पर लगाम लगाने की मांग
यह मामला निजी एयरलाइंस की ओर से कथित तौर पर मनमाने और बहुत ज्यादा हवाई किराये वसूले जाने से जुड़ा है। यात्रियों को कई बार मांग बढ़ने, त्योहारों या अन्य परिस्थितियों में टिकटों के लिए काफी ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इससे पहले अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नियमों का पालन नहीं करने वाली एयरलाइंस को उड़ान भरने से रोकने जैसे कदमों पर विचार किया जाना चाहिए। उस समय सरकार ने अदालत को बताया था कि अंतिम नियम तैयार होने तक एयरलाइंस को हवाई किराये के संबंध में कार्यालय ज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह भी कहा था कि एयरलाइंस इन निर्देशों का पालन नहीं कर रही थीं।
इंडिगो के शेयर 2.86% तक गिरे
हवाई किराये को कंट्रोल करने वाले नियमों पर अपडेट के बीच इंडिगो की ऑपरेटर कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार दोपहर 1:19 बजे NSE पर कंपनी का शेयर 2.86 फीसदी गिरकर 4,641.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, शेयरों में गिरावट को केवल नए नियमों से जोड़ना सही नहीं होगा। फिलहाल सरकार ने नियमों को अंतिम रूप देने की जानकारी दी है, लेकिन उनके विस्तृत प्रावधान सामने आने बाकी हैं।
यह भी पढ़ें- इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक, एयर इंडिया ने 20 अक्टूबर तक रद्द की सऊदी अरब जाने वाली उड़ानें