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बैंकों ने पांच साल में ₹10.57 लाख करोड़ बट्टे खाते में डाले, सरकार ने संसद में दी जानकारी, जानें पूरी बात

 Published : Dec 05, 2023 10:17 pm IST,  Updated : Dec 05, 2023 10:21 pm IST

वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने यह भी कहा कि कुल राशि में पांच साल की अवधि के दौरान सभी बैंकों द्वारा धोखाधड़ी के चलते बट्टे खाते में डाले गए 93,874 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।

संसद में जानकारी देते हुए वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड।- India TV Hindi
संसद में जानकारी देते हुए वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड। Image Source : TWITTER

पिछले पांच साल में बड़ी संख्या में लंबे समय से लाखों ऐसे बैंक अकाउंट रहे जिसमें कोई ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा है। यही वजह है कि बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्षों के दौरान 10.57 लाख करोड़ रुपये की राशि बट्टे खाते में डाली है। खास बात यह है कि इनमें से 5.52 लाख करोड़ रुपये की राशि बड़े उद्योगों से संबंधित लोन के संदर्भ में हैं। सरकार ने मंगलवार को संसद को यह जानकारी दी। भाषा की खबर के मुताबिक, वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, शिड्यूल कॉमर्शियल बैंकों (एससीबी) ने पिछले पांच वित्त वर्षों के दौरान 10.57 लाख करोड़ रुपये की कुल लोन राशि बट्टे खाते में डाली है।

एनपीए की वसूली के लिए व्यापक कदम उठाए

खबर के मुताबिक, शिड्यूल कॉमर्शियल बैंकों या अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने पांच साल की अवधि के दौरान 7.15 लाख करोड़ रुपये की गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की वसूली भी की है। मंत्री ने कहा कि एनपीए की वसूली के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं, जिससे एससीबी ने पिछले पांच साल के दौरान बट्टे खाते में डाले गए लोन सहित एनपीए खातों में 7,15,507 करोड़ रुपये की कुल वसूली की है। एक अलग प्रश्न के उत्तर में, कराड ने कहा कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्षों के दौरान, यानी वित्त वर्ष 2018-19 से वित्त वर्ष 2022-23 तक बड़े उद्योगों और सेवाओं से संबंधित ऋणों के संबंध में 5.52 लाख करोड़ रुपये की कुल राशि बट्टे खाते में डाली है।

धोखाधड़ी के चलते बट्टे खाते में डाले गए 93,874 करोड़ रुपये

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इसमें पांच साल की अवधि के दौरान सभी बैंकों द्वारा धोखाधड़ी के चलते बट्टे खाते में डाले गए 93,874 करोड़ रुपये भी शामिल हैं। बीते साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) मार्च, 2022 को खत्म पिछले पांच वर्षों में बट्टे खातों से सिर्फ 14 प्रतिशत राशि ही वसूल पाए थे। इस दौरान कुल 7.34 लाख करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले गए थे। इसमें से सरकारी बैंकों ने 1.03 लाख करोड़ रुपये की वसूली की थी।

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