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घर बनाना होगा और महंगा, सितंबर में ₹7 प्रति बोरी महंगी हुई सीमेंट; अक्टूबर में ₹20 तक बढ़ सकते हैं दाम: रिपोर्ट

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 30, 2026 02:16 pm IST,  Updated : Sep 30, 2026 02:16 pm IST

सितंबर में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब अक्टूबर में भी घर बनाने वालों को झटका लग सकता है। सीमेंट कंपनियां देश के ज्यादातर बाजारों में प्रति बोरी ₹5 से ₹20 तक की एक और कीमत बढ़ाने की कोशिश कर सकती हैं।

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सीमेंट हो सकती है और महंगी Image Source : ANI

घर बनाने या मकान की मरम्मत कराने वालों के लिए अक्टूबर में खर्च बढ़ सकता है। सीमेंट कंपनियां अगले महीने एक बार फिर कीमतों में बढ़ोतरी की कोशिश कर सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में कई बाजारों में सीमेंट के दाम ₹5 से ₹20 प्रति बोरी तक बढ़ सकते हैं। हालांकि, बढ़ी कीमतें कितने समय तक टिकेंगी, यह मांग और डीलरों की सहमति पर निर्भर करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में देशभर में सीमेंट की औसत ट्रेड कीमत में महीने-दर-महीने ₹7 प्रति बोरी की बढ़ोतरी हुई और यह करीब ₹356 प्रति बोरी पहुंच गई। जुलाई और अगस्त में कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर में ट्रेड और नॉन-ट्रेड, दोनों सेगमेंट में कीमतें बढ़ीं। नॉन-ट्रेड सेगमेंट में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत ज्यादा रही। हालांकि, कंपनियों की ओर से बढ़ाई गई बिलिंग कीमत का पूरा असर ग्राहकों तक नहीं पहुंचा। कुछ बाजारों में डीलरों ने तिमाही के अंत में बिक्री का लक्ष्य पूरा करने के लिए पुरानी कीमतों पर ही सीमेंट बेचा।

दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

क्षेत्रों की बात करें तो सितंबर में दक्षिण भारत में सीमेंट ₹11 प्रति बोरी महंगा हुआ। इसके बाद पश्चिम भारत में ₹9 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य, पूर्वी और उत्तर भारत में कीमतें करीब ₹5 प्रति बोरी बढ़ीं।

अक्टूबर में क्यों बढ़ सकते हैं दाम?

सेंट्रम ब्रोकिंग के मुताबिक, कंपनियां अक्टूबर में दोबारा कीमत बढ़ाने की कोशिश कर सकती हैं। हालांकि, इसकी सफलता निर्माण गतिविधियों और सीमेंट की मांग पर निर्भर करेगी। जुलाई-अगस्त में कई बाजारों में मांग सीमित रही थी, जबकि सितंबर में कुछ इलाकों में गतिविधियों में सुधार देखने को मिला। बारिश का भी क्षेत्रीय मांग पर असर पड़ा। ज्यादा बारिश वाले इलाकों में निर्माण गतिविधियां प्रभावित हुईं, जबकि कम बारिश वाले क्षेत्रों में कामकाज बेहतर रहा। इसके अलावा, हाल के हफ्तों में ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और कीमत बढ़ाने का दबाव बन सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में डीलरों ने बढ़ी कीमतों को स्वीकार किया या नहीं और निर्माण क्षेत्र की मांग कितनी मजबूत रही, यही सीमेंट की कीमतों की आगे की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।

इनपुट- ANI

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