आईटी सेक्टर में अनिश्चितता और ग्लोबल दबाव के बीच टाटा ग्रुप की एक दिग्गज कंपनी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने तीसरी तिमाही के नतीजों के साथ ऐसा ऐलान किया है, जिसे बाजार में डबल धमाका कहा जा रहा है। मुनाफे में मामूली गिरावट के बावजूद TCS ने अपने शेयरधारकों को बड़ा तोहफा देते हुए प्रति शेयर पूरे 57 रुपये का डिविडेंड घोषित किया है। यह फैसला साफ तौर पर कंपनी के मजबूत कैश फ्लो और शेयरहोल्डर-फ्रेंडली अप्रोच को दर्शाता है।
12 जनवरी को हुई बोर्ड मीटिंग में TCS ने दो तरह के डिविडेंड को मंजूरी दी। इसमें 11 रुपये प्रति शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड और 46 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। यानी निवेशकों को एक साथ दो फायदे मिलेंगे। इस ऐलान के बाद बाजार में भी पॉजिटिव माहौल दिखा और कारोबारी दिन के अंत तक TCS का शेयर 0.86% की बढ़त के साथ 3,235.70 रुपये पर बंद हुआ। आईटी शेयरों में सुस्ती के बीच यह मजबूती निवेशकों का भरोसा दिखाती है।
किन्हें मिलेगा डिविडेंड
डिविडेंड का फायदा उन्हीं निवेशकों को मिलेगा, जिनका नाम कंपनी के रजिस्टर में रिकॉर्ड डेट पर दर्ज होगा। TCS ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट शनिवार, 17 जनवरी 2026 तय की है। चूंकि शेयर बाजार में सेटलमेंट T+1 के आधार पर होता है, इसलिए जो निवेशक इस डिविडेंड का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें शुक्रवार, 16 जनवरी तक अपने डीमैट अकाउंट में TCS के शेयर रखने होंगे। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि डिविडेंड की राशि 3 फरवरी 2026 तक निवेशकों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
टीसीएस की तिमाही नतीजे
अगर कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर डालें, तो अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में TCS का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.8% घटकर 10,720 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 12,444 करोड़ रुपये था। हालांकि, ऑपरेशंस से होने वाली आय में 4.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और रेवेन्यू बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मुनाफे में आई यह गिरावट किसी कारोबारी कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि भारत में लागू नए लेबर कोड के चलते किए गए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों का नतीजा है।






































