1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. ग्रेटर नोएडा में बनेगा 174 एकड़ का मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, सरकार जल्द चुनेगी डेवलपर, मिलेंगे रोजगार

ग्रेटर नोएडा में बनेगा 174 एकड़ का मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, सरकार जल्द चुनेगी डेवलपर, मिलेंगे रोजगार

 Published : Aug 09, 2025 04:11 pm IST,  Updated : Aug 09, 2025 04:11 pm IST

यह मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क ग्रेटर नोएडा को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। - India TV Hindi
ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। Image Source : GNIDA OFFICIAL WEBSITE

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ के मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क का विकास होना है। यह प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही इसके कास के लिए एक डेवलपर का चयन कर सकती है। पीटीआई की खबर के मुताबिक,  इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देना और माल ढुलाई की प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाना है। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने हाल ही में इस परियोजना के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं।

लॉजिस्टिक्स पार्क का लक्ष्य

  • ₹1,200 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करना
  • कम से कम 5,000 रोजगार के अवसर सृजित करना
  • आधुनिक लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना

इन कंपनियों ने लगाई बोली

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजना के लिए तीन बड़ी कंपनियों - अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड, सुपर हैंडलर्स और एम्पेज़ार लॉजिस्टिक्स ने रुचि दिखाई है। इन सभी कंपनियों के प्रस्तावों की समीक्षा मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति द्वारा की जाएगी, जो अंतिम फैसला लेगी।

क्या बोले मंत्री?

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए तीन कंपनियों ने आवेदन किया है। समिति जल्द ही इन पर विचार कर निर्णय लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बने। इसके लिए निवेशक अनुकूल नीतियां लागू की जा रही हैं।

रणनीतिक महत्व रखता है यह प्रोजेक्ट

यह लॉजिस्टिक्स पार्क कई दृष्टिकोणों से बेहद अहम माना जा रहा है। क्योंकि जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) के पास होने के कारण हवाई माल परिवहन में सहूलियत होगी। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से सीधा कनेक्शन होगा और पास में स्थित CONCOR का ड्राई पोर्ट भी होगा, जो कंटेनर हैंडलिंग की सुविधा प्रदान करता है

प्रस्तावित सुविधाएं क्या होंगी?

  • आधुनिक कार्गो हैंडलिंग यार्ड्स
  • वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
  • स्किल डेवलपमेंट सेंटर
  • लॉजिस्टिक्स प्रोसेस से जुड़ी अन्य अत्याधुनिक सेवाएं

प्लॉट आवंटन की प्रमुख शर्तें

174.12 एकड़ भूमि ग्रेटर नोएडा के कप्पा-2 सेक्टर में आवंटित की जाएगी। लीज़होल्ड आधार पर जमीन दी जाएगी, जिसकी अवधि होगी 90 वर्ष होगा। परियोजना के लिए ₹1,200 करोड़ का न्यूनतम निवेश अपेक्षित है (भूमि मूल्य को छोड़कर)। यह लॉजिस्टिक्स पार्क न केवल ग्रेटर नोएडा को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि इससे क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ठोस पहल साबित होगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा