1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. इकोनॉमी के लिए गुड न्यूज, मई में 16% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा जीएसटी कलेक्शन

इकोनॉमी के लिए गुड न्यूज, मई में 16% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा जीएसटी कलेक्शन

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jun 01, 2025 04:07 pm IST,  Updated : Jun 01, 2025 04:09 pm IST

मई में कुल केंद्रीय जीएसटी राजस्व 35,434 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी राजस्व 43,902 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी संग्रह लगभग 1.09 लाख करोड़ रुपये रहा।

जीएसटी कलेक्शन- India TV Hindi
जीएसटी कलेक्शन Image Source : FILE

जीएसटी कलेक्शन में लगातार इजाफा हो रहा है। सकल माल एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन मई में 16.4 प्रतिशत बढ़कर 2.01 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। रविवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इससे पहले, अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 2.37 लाख करोड़ रुपये के अपने अबतक के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। मई में घरेलू लेनदेन से कुल जीएसटी राजस्व 13.7 फीसदी बढ़कर लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये हो गया। जबकि आयात से जीएसटी कलेक्शन 25.2 प्रतिशत बढ़कर 51,266 करोड़ रुपये रहा।

35,434 करोड़ रुपये रहा केंद्रीय जीएसटी राजस्व

मई में कुल केंद्रीय जीएसटी राजस्व 35,434 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी राजस्व 43,902 करोड़ रुपये और एकीकृत जीएसटी संग्रह लगभग 1.09 लाख करोड़ रुपये रहा। उपकर से राजस्व 12,879 करोड़ रुपये रहा। मई, 2024 में जीएसटी संग्रह 1,72,739 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच, महीने के दौरान कुल रिफंड चार प्रतिशत घटकर 27,210 करोड़ रुपये रह गया। माह के दौरान शुद्ध जीएसटी संग्रह 20.4 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ लगभग 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा।

इन राज्यों से सबसे ज्यादा ग्रोथ

डेलॉयट इंडिया के साझेदार एम एस मणि ने कहा कि राज्यों में जीएसटी संग्रह में वृद्धि में व्यापक आधार पर अंतर देखा जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक राज्य में ऐसे क्षेत्रों का गहन विश्लेषण करने की जरूरत है, जो उसके लिए महत्वपूर्ण हैं। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों ने संग्रह में 17 प्रतिशत से 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जबकि गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों ने छह प्रतिशत तक की वृद्धि दिखाई है। मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे कुछ राज्यों में जीएसटी संग्रह में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मणि ने कहा, “इसलिए, देशभर में औसत वृद्धि, संभवतः क्षेत्रीय या मौसमी कारकों के कारण राज्यों में समान रूप से परिलक्षित नहीं होती है, जिसके लिए गहन डेटा आधारित विश्लेषण की आवश्यकता होती है।”

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

GST