कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एडवांस विड्रॉल (EPF Advance Withdrawal) के नियमों में बदलाव किया है। ईपीएफओ ने एक नया स्मार्ट गाइड जारी कर यह स्पष्ट किया है कि कोई भी सदस्य अपनी जरूरत के हिसाब से पूरी सर्विस के दौरान कितनी बार पीएफ (PF) से एडवांस पैसे निकाल सकता है।
EPFO की गाइडलाइन के अनुसार, एडवांस निकासी को तीन कैटेगरी में बांटा गया है। इनमें जरूरी जरूरतें, आवास संबंधी खर्च और विशेष परिस्थितियां शामिल हैं। हर कैटेगरी के लिए निकासी की अलग सीमा तय की गई है।
इलाज के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?
पहली कैटेगरी में बीमारी और मेडिकल जरूरतों को शामिल किया गया है। कर्मचारी अपने और परिवार के इलाज के लिए PF से जरूरत के अनुसार एडवांस निकाल सकते हैं। इस कैटेगरी में निकासी की संख्या पर कोई तय सीमा नहीं बताई गई है।
पढ़ाई और शादी के लिए तय हुई लिमिट
बच्चों या परिवार की शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए कर्मचारी अपनी सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 10 बार PF एडवांस ले सकते हैं। वहीं, शादी से जुड़े खर्चों के लिए अधिकतम पांच बार निकासी की अनुमति है। यह सुविधा कर्मचारी और उसके परिवार से संबंधित निर्धारित जरूरतों पर लागू होती है।
घर खरीदने या बनाने के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?
आवास संबंधी जरूरतों में फ्लैट या मकान खरीदना, घर बनवाना, होम लोन चुकाना और घर की मरम्मत या बदलाव जैसे खर्च शामिल हैं। इस कैटेगरी में सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम पांच बार निकासी की सीमा बताई गई है।
विशेष परिस्थितियों में साल में दो बार
तीसरी कैटेगरी में विशेष परिस्थितियां शामिल हैं, जिन्हें EPF केंद्रीय बोर्ड द्वारा अधिसूचित किया जाता है। दी गई गाइडलाइन के अनुसार, इस श्रेणी में एक वित्त वर्ष में अधिकतम दो बार निकासी की जा सकती है।
75% PF राशि निकालने का नियम
गाइडलाइन में बताया गया है कि EPF सदस्यता के 12 महीने पूरे होने के बाद कर्मचारी ब्याज सहित PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकता है। हालांकि, पात्रता, उपलब्ध बैलेंस और लागू शर्तें जांचने के बाद ही आवेदन करना चाहिए। कर्मचारियों को आवेदन से पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें- सरकार ने PF सीलिंग बढ़ाकर की ₹25000, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा; समझिए कैसे?