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भारत की आर्थिक तरक्की का एसएंडपी ने फिर लगाया ये अनुमान, इस रफ्तार से बढ़ेगी जीडीपी

 Published : Sep 24, 2024 12:17 pm IST,  Updated : Sep 24, 2024 12:17 pm IST

एसएंडपी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आरबीआई जल्द से जल्द अक्टूबर में दरों में कटौती शुरू कर देगा और चालू वित्त वर्ष (मार्च 2025 में समाप्त होने वाले) में दो बार दरों में कटौती की योजना बनाएगा।

वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।- India TV Hindi
वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। Image Source : FILE

चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर को लेकर एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने मंगलवार को ताजा अनुमान लगाया है। इसमें भारत का वृद्धि अनुमान 6.8 प्रतिशत पर मंगलवार को बरकरार रखा। एजेंसी को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती शुरू कर देगा। भाषा की खबर के मुताबिक, एशिया प्रशांत के आर्थिक परिदृश्य में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

भारत में ठोस वृद्धि से मिलेगी ये मदद

खबर के मुताबिक, कहा गया कि भारत में ठोस वृद्धि से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति को अपने लक्ष्य के मुताबिक लाने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत में अप्रैल-जून तिमाही में उच्च ब्याज दरों ने शहरी मांग को प्रभावित किया और सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर धीमी रही। हालांकि, यह समूचे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए हमारे सकल घरेलू उत्पाद के 6.8 प्रतिशत की दर के अनुमान के मुताबिक है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।

अक्टूबर में दरों में कटौती शुरू कर देगा आरबीआई

एसएंडपी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आरबीआई जल्द से जल्द अक्टूबर में दरों में कटौती शुरू कर देगा और चालू वित्त वर्ष (मार्च 2025 में समाप्त होने वाले) में दो बार दरों में कटौती की योजना बनाएगा। एसएंडपी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति औसतन 4.5 प्रतिशत रहेगी। सरकार ने आरबीआई को मुद्रास्फीति को दोनों तरफ दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया है। आरबीआई की ब्याज दर निर्धारित करने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक 7 से 9 अक्टूबर को होने वाली है।

मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2023 से नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने भी अपनी नीतिगत ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की है। इसके बाद आरबीआई के अगले महीने इसमें 0.25 प्रतिशत की कटौती करने की उम्मीद है।

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