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India-New Zealand FTA: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर 24 तारीख को हस्ताक्षर होने की उम्मीद, जानें क्या-क्या होगा फायदा

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 07, 2026 04:57 pm IST,  Updated : Apr 07, 2026 04:57 pm IST

समझौते के तहत भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर जीरो-टैरिफ बाजार पहुंच मिलेगी, जबकि न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले 95 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ खत्म किया जाएगा या कम किया जाएगा।

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भारतीय पेशेवरों के लिए सालाना 5000 वीजा जारी करेगा न्यूजीलैंड Image Source : HTTPS://X.COM/CHRISLUXONMP

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर 24 अप्रैल को हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को द्वीपीय देश न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों के लिए जीरो-टैरिफ पहुंच मिलेगी और अगले 15 साल में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है। दोनों देशों ने पिछले साल 22 दिसंबर को इस व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा  की थी। इस समझौते का लक्ष्य अगले 5 सालों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5 अरब डॉलर करना है। एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते पर भारत मंडपम में 24 अप्रैल को हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। 

भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में मिलेगी जीरो-टैरिफ बाजार पहुंच

समझौते के तहत भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर जीरो-टैरिफ बाजार पहुंच मिलेगी, जबकि न्यूजीलैंड के भारत को होने वाले 95 प्रतिशत निर्यात पर टैरिफ खत्म किया जाएगा या कम किया जाएगा। इसमें ऊन, कोयला, लकड़ी, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे उत्पाद शामिल हैं। किसानों और घरेलू उद्योग की सुरक्षा के लिए भारत ने दूध, क्रीम, व्हे, दही और पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों तथा प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबड़ के आयात पर कोई छूट नहीं दी है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड को भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और 95 प्रतिशत से ज्यादा वन और लकड़ी उत्पादों पर भी जीरो-टैरिफ पहुंच मिलेगी। 

भारतीय पेशेवरों के लिए सालाना 5000 वीजा जारी करेगा न्यूजीलैंड

सर्विस सेक्टर में न्यूजीलैंड कुशल पेशों में भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा उपलब्ध कराएगा। इसके तहत सालाना 5,000 वीजा जारी किए जाएंगे और अधिकतम 3 साल तक रहने की अनुमति होगी। इस व्यवस्था में आयुष डॉक्टर, योग ट्रेनर, भारतीय शेफ और म्यूजिक टीचर जैसे पेशे शामिल होंगे। इसके अलावा इंन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, हेल्थ सर्विस, एजुकेशन और कंस्ट्रक्शन जैसे ज्यादा मांग वाले सेक्टरों को भी शामिल किया गया है, जिससे वर्कफोर्स की आवाजाही और सर्विस सेक्टर को मजबूती मिलेगी। 

वित्त वर्ष 2024-25 में हुआ था 1.3 अरब डॉलर का व्यापार

वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार 1.3 अरब डॉलर रहा। साल 2024 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर रहा, जिसमें केवल सेवाओं का व्यापार 1.24 अरब डॉलर था। इसमें पर्यटन, इंन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल सर्विस की प्रमुख भूमिका रही। 

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