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AI के चक्कर में बुरा फंसी Microsoft और Uber जैसी बड़ी कंपनियां, इंसानों से भी ज्यादा महंगी पड़ रही है टेक्नोलॉजी

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : May 25, 2026 11:32 am IST,  Updated : May 25, 2026 11:32 am IST

जिस बड़े पैमाने पर कर्मचारियों ने इस टूल को अपनाया, उसी वजह से अब कंपनी को उस टेक्नोलॉजी से पीछे हटना पड़ा है।

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AI पर जितना ज्यादा जोर, उतना ज्यादा खर्च Image Source : AFP

दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ज्यादातर डायरेक्ट Claude Code लाइसेंस रद्द करने शुरू कर दिए हैं। कंपनी अब अपने इंजीनियरिंग स्टाफ को GitHub Copilot CLI की ओर रीडायरेक्ट कर रही है। ये बदलाव ऐसे समय में आया है जब इस टेक जाएंट ने AI-असिस्टेड कोडिंग के साथ बड़े पैमाने पर प्रयोग करने को बढ़ावा दिया था और 6 महीने पहले ही अपने हजारों डेवलपर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिजाइनर और अन्य कर्मचारियों के लिए Claude Code का एक्सेस खोला था। कंपनी में Claude Code को अपनाने की रफ्तार काफी तेज और उत्साहजनक थी। हालांकि, इसमें काफी खर्च बढ़ गया।

AI पर निर्भर हो गए थे कर्मचारी

द वर्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिस बड़े पैमाने पर कर्मचारियों ने इस टूल को अपनाया, उसी वजह से अब कंपनी को उस टेक्नोलॉजी से पीछे हटना पड़ा है, जिस पर उसके अपने इंजीनियर निर्भर हो गए थे। हालांकि, इस फैसले से Anthropic के साथ माइक्रोसॉफ्ट के बड़े कमर्शियल सौदों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी की फाउंडरी डील में Anthropic में 5 बिलियन डॉलर तक का निवेश शामिल है, जो फाउंडरी ग्राहकों को Claude मॉडल्स का एक्सेस देती है। इसके साथ ही Anthropic की Azure कंप्यूट क्षमता खरीदने की 30 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता भी बरकरार रहेगी।

Uber ने सिर्फ 4 महीनों में खर्च किया पूरे साल का AI बजट

राइड हेलिंग कंपनी उबर के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर प्रवीण नेपल्ली नागा ने अप्रैल में द इंफॉर्मेशन को बताया था कि कंपनी ने साल के सिर्फ चार महीनों के अंदर ही अपने 2026 के AI कोडिंग टूल्स का पूरा बजट खत्म कर दिया था। ये खुलासा इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाला है क्योंकि उबर बढ़-चढ़कर एआई टूल्स को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था। उसने टीमों को उनके AI टूल्स के इस्तेमाल के आधार पर रैंक करने के लिए अंदरूनी लीडरबोर्ड भी लगाए थे।

AI पर जितना ज्यादा जोर, उतनी ज्यादा लागत

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट और उबर में दिख रहा ये पैटर्न एक ऐसे तनाव की ओर इशारा करता है, जिस पर वर्कप्लेस AI से जुड़ी चर्चाओं में बहुत कम ध्यान दिया गया है। कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI के इस्तेमाल के लिए जितना ज्यादा जोर देती हैं, उसकी लागत उतनी ही तेजी से बढ़ती जाती है।

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