देशभर के करोड़ों किसान एक बार फिर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह किस्त फरवरी में जारी की जाएगी? सरकार की ओर से मिलने वाले 2,000 रुपये की अगली किस्त की तारीख को लेकर नई जानकारी सामने आई है। उम्मीद की जा रही है कि किसानों के खाते में यह राशि फरवरी 2026 में ट्रांसफर की जा सकती है। चर्चा है कि अगली किस्त 25 फरवरी 2026 के बाद जारी हो सकती है।
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कब तक जारी हो सकती है 22वीं किस्त?
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से अभी तक 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, इसकी चर्चा जरूर है कि यह किस्त फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च 2026 की शुरुआत में जारी की जा सकती है। बता दें कि इससे पहले 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्धारित अंतराल को देखते हुए अगली किस्त जल्द ही जारी हो सकती है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ई-केवाईसी, बैंक खाते और आधार लिंकिंग की स्थिति पहले से जांच लें, ताकि किस्त मिलने में किसी तरह की दिक्कत न हो।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है e-KYC?
सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जी लाभार्थियों को हटाने के उद्देश्य से e-KYC को अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों की e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उनकी अगली किस्त रोकी जा सकती है या भुगतान अटक सकता है। इसलिए समय रहते केवाईसी अपडेट कराना बेहद जरूरी है, ताकि 2,000 रुपये की किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में पहुंच सके।
कैसे पूरी करें e-KYC?
e-KYC की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरा किया जा सकता है:
ऑनलाइन तरीका:
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- ‘e-KYC’ विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज कर सत्यापन करें।
ऑफलाइन तरीका:
- अगर OTP के जरिए सत्यापन नहीं हो पा रहा है, तो किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक के माध्यम से e-KYC पूरी कर सकते हैं।
तीन किस्तों में दी जाती है कुल 6000 रुपये
किसानों को दी जाने वाली इस राशि को तीन समान किस्तों में बांटी जाती है, यानी हर चार महीने में 2,000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए ट्रांसफर किए जाते हैं।