Sunday, March 01, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Rupee-Dollar : इतिहास में पहली बार डॉलर की कीमत 80 रुपये के पार, जानिए आप पर पड़ेगा क्या असर

Rupee-Dollar : इतिहास में पहली बार डॉलर की कीमत 80 रुपये के पार, जानिए आप पर पड़ेगा क्या असर

Written By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul Published : Jul 19, 2022 10:51 am IST, Updated : Jul 19, 2022 12:24 pm IST

Rupee-Dollar : वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि 2014 से 2022 के बीच रु डॉलर के मुकाबले 25% से ज्यादा कमजोर हुआ है।

Rupee Dollar - India TV Paisa
Photo:FILE Rupee Dollar

Highlights

  • अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया इतिहास में पहली बार 80 रुपये के पार
  • सोमवार को रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ 79.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ
  • 2014 से 2022 के बीच रु डॉलर के मुकाबले 25% से ज्यादा कमजोर हुआ है

Rupee-Dollar : बीते कुछ दिनों से जिस बात का डर सता रहा था, वह बात आखिरकार सच हो गई। अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया इतिहास में पहली बार 80 रुपये के पार पहुंच गया। मंगलवार को बाजार खुलते ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में सात पैसे गिर गया और अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर 80.05 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। बता दें कि सोमवार को रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ रिकॉर्ड लो 79.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। 

इससे पहले सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि 2014 से 2022 के बीच रु डॉलर के मुकाबले 25% से ज्यादा कमजोर हुआ है। जानकारों के अनुसार विदेशी निवेशकों का शेयर बाजार से पैसा वापस निकालना रुपये में गिरावट का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा कच्चे तेल पर अधिक खर्च भी सरकारी खजाने में सेंध लगा रहा है। 

चालू खाते का घाटा बढ़ने की आशंका 

विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ दिन के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में सुधार स्थानीय मुद्रा के लिए कुछ राहत की बात रही है। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि आयात महंगा होने तथा वस्तुओं का निर्यात कमजोर रहने से चालू खाते के घाटे की स्थिति खराब हो सकी है। रुपया टूटने से देश का चालू खाते का घाटा (कैड) बढ़ने की आशंका और विदेशी कोषों की निकासी की वजह से अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 80 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक निचले स्तर के पास आ गया है। 

आगे कितना गिरेगा रुपया?

बैंक ऑफ अमेरिका के अनुसार, भारतीय रुपया साल के अंत तक 81 प्रति डॉलर तक टूट सकता है। इस साल अब तक भारतीय रुपया 9% से अधिक टूट चुका है। डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल कीमतों में तेजी ने रुपया को कमजोर करने का काम किया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% कच्चा तेल आयात करता है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है। 

दुनिया भर में मुश्किलों का दौर

Interest Rates hike in Other Countries
Image Source : FILEInterest Rates hike in Other Countries

रुपये में कमजोरी का क्या होगा असर

पेट्रोल डीजल  

डॉलर के मजबूत होने का सीधा असर हमारे आयात पर पड़ता है। भारत जिन वस्तुओं के आयात पर निर्भर है, वहां रुपये की गिरावट महंगाई ला सकती है। इसका असर कच्चे तेल के आयात पर भी पड़ेगा। दूसरी ओर भारत गैजेट्स और रत्नों का भी बड़ा आयातक है। भारत द्वारा आयात किए जाने वाले सामानों में कोयला, प्लास्टिक सामग्री, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, वनस्पति तेल, उर्वरक, मशीनरी, सोना, मोती, कीमती और लोहा व इस्पात शामिल हैं। रुपये की कीमत में बड़ी गिरावट आने से इन वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। 

मोबाइल लैपटॉप 

भारत अधिकतर मोबाइल और अन्य गैजेट का आयात चीन और अन्य पूर्वी एशिया के शहरों से होता है। विदेश से आयात के लिए अधिकतर कारोबार डॉलर में होता है। विदेशों से आयात होने के कारण अब इनकी कीमतें बढ़नी तय मानी जा रही है। भारत में अधिकतर मोबाइल की असेंबलिंग होती है। ऐसे में मेड इन इंडिया का दावा करने वाले गैजेट पर भी महंगे आयात की मार पड़ेगी। 

सोने की कीमतों का इतिहास

Gold Rate hike
Image Source : FILEGold Rate hike

विदेश में पढ़ना 

इसका असर विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों पर रुपये की कमजोरी का खासा असर पड़ेगा। इसके चलते उनका खर्च बढ़ जाएगा। वे अपने साथ जो रुपये लेकर जाएंगे उसके बदले उन्हें कम डॉलर मिलेंगे। वहीं उन्हें चीजों के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके अलावा विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीयों को भी ज्यादा खर्च करना पड़ेगा

Latest Business News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा

Advertisement
Advertisement
Advertisement