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शरीर में पित्त दोष को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है, जानिए क्या होते हैं इसके लक्षण?

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 05, 2026 07:19 am IST,  Updated : Jun 05, 2026 07:19 am IST

How To Control Pitta Dosh: आयुर्वेद के मुताबिक शरीर में तीन तरह के दोष पाए जाते हैं। इन्हीं दोषों के आधार पर शरीर में अलग-अलग बीमारियां पनपने लगती हैं। कुछ लोगों में पित्त दोष पाया जाता है। आइये जानते हैं पित्त दोष को कैसे कंट्रोल करें?

पित्त दोष कैसे कंट्रोल करें- India TV Hindi
पित्त दोष कैसे कंट्रोल करें Image Source : INDIA TV

आयुर्वेद शरीर में उत्पन्न दोषों के आधार और उनके समाधान पर काम करता है। आयुर्वेद के मुताबित शरीर में तीन तरह के दोष पाए जाते हैं। जिसमें कुछ लोग वात प्रकृति के होते हैं, कुछ लोग कप प्रकृति के और कुछ पित्त प्रकृति के होते हैं। जो लोग पित्त प्रकृति के होते हैं उन्हें बहुत जल्दी गुस्सा आने लगता है, शरीर से तेज दुर्गंध आती है, ऐसे लोगों के शरीर में पित्त ज्यादा होता है। पित्त दोष अग्नि और जल से मिलकर बनता है। ये शरीर में बनने वाले हार्मोन और एंजाइम को कंट्रोल करता है। शरीर का तापमान और पाचक अग्नि पित्त से ही कंट्रोल होती हैं। शरीर में पेट और छोटी आंत में पित्त ज्यादा पाया जाता है। इसका कंट्रोल रहना जरूरी है। क्योंकि ज्यादा पित्त बनने से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कि कब्ज़, अपच, एसिडिटी हो सकती है। पित्त का असंतुलन पाचन अग्नि को कमजोर बना सकता है। जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता है। आइये जानते हैं पित्त दोष को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?

पित्त दोष के लक्षण

आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार इंसान के शरीर में तीन तरह के दोष पाए जाते हैं- वात, पित्त और कफ। इनमें से किसी का भी असंतुलन शरीर में बीमारियां पैदा कर सकता है। पित्त एक ऐसा दोष है जो मुख्य रूप से जल और अग्नि का प्रतिनिधित्व करता है। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में पित्त दोष का असंतुलन पाया जाता है तो उसे पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी ज्यादा होती है। इसके अलावा पित्त की वजह से आपकी त्वचा खराब हो सकती है। ऐसे लोगों को ज्यादा पसीना आ सकता है और मन चिड़चिड़ा हो सकता है। 

पित्त दोष को कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं?

अगर आप पित्त दोष का संतुलन बनाकर रखते हैं तो आप कई बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने खान पान को नियंत्रित रखना होगा। आपको अपने खाने में पौष्टिक चीजें जैसे- नारियल पानी, तरबूज, खीरा हरी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा शामिल करनी चाहिए। पित्त दोष वालों को तेल या ज्यादा मसाले वाली चीजों से परहेज करना चाहिए। जितना ज्यादा हो सके घर में बना हुआ खाना ही खाएं और बाहर के जंक फूड से दूरी बनाए रखें। ऐसे लोगों को खट्टी चीजें खाने से भी बचना चाहिए।

पित्त प्रकृति का आयुर्वेदिक इलाज क्या है?

पित्त दोष को कंट्रोल करने के लिए खाने के साथ पीने पर भी ध्यान देना जरूरी है। गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। ज्यादा तेज धूप में बाहर न निकलें। रोजाना योग और प्रणायम करें। इससे तनाव कम होगा और शरीर में दोषों का संतुलन बना रहेगा। आयुर्वेद के अनुसार पित्त को नियंत्रित करने के लिए घी का प्रयोग करना सबसे फायदेमंद है। खाने का समय निश्चित करें और रात में सोने से दो घंटे पहले भोजन कर लें। अपनी जीवनशैली को व्यवस्थित करें। इससे शरीर में पित्त दोष को काफी कंट्रोल किया जा सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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