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Gold-Silver में ‘सेफ हेवन’ का भरोसा टूटा! कुछ घंटों में 2 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान, बाजार में ऐतिहासिक हलचल

 Published : Mar 23, 2026 02:36 pm IST,  Updated : Mar 23, 2026 02:36 pm IST

अगर बढ़ती बॉन्ड यील्ड, मजबूत डॉलर और कमजोर लिक्विडिटी सोने-चांदी को इतनी तेजी से गिरा सकती है, तो आगे चलकर इसका असर क्रेडिट मार्केट, उभरती अर्थव्यवस्थाओं और टेक शेयरों तक भी फैल सकता है।

कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में युद्ध जारी है।- India TV Hindi
कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में युद्ध जारी है। Image Source : FREEPIK

वैश्विक बाजार में आमतौर पर सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सोना और चांदी में अचानक ऐसी गिरावट आई है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। मार्केट रिसर्च फर्म The Kobeissi Letter ने इसे “दुर्लभ और ऐतिहासिक लिक्विडिटी शॉक” करार दिया है। सिर्फ तीन घंटों की तेज और अस्थिर ट्रेडिंग में कीमती धातुओं की मार्केट वैल्यू से करीब 2 ट्रिलियन डॉलर साफ हो गए। हैरानी की बात यह रही कि यह गिरावट ऐसे समय में आई जब कच्चा तेल ठंडा पड़ रहा था और अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स हरे निशान में थे-जबकि युद्ध के माहौल में आमतौर पर सोना-चांदी में तेजी देखने को मिलती है।

गिरावट की बड़ी वजहें

बॉन्ड यील्ड का उछाल

अमेरिकी 10 साल के बॉन्ड की यील्ड तेजी से बढ़कर करीब 4.4% पर पहुंच गई है। इससे निवेशकों का झुकाव सोने से हटकर ब्याज देने वाले सरकारी बॉन्ड की ओर बढ़ गया है।

मजबूत डॉलर का दबाव
ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी डॉलर फिर से सबसे भरोसेमंद ‘सेफ हेवन’ बनकर उभरा है। डॉलर की मजबूती से सोना-चांदी पर दोहरा दबाव पड़ा-कीमतें भी गिरीं और निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर डॉलर को चुना।

लीवरेज का उल्टा असर
पिछले कुछ समय में सोना-चांदी में आई तेज तेजी के चलते बाजार में भारी लीवरेज बन गया था। जैसे ही कीमतें टूटीं, स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए, मार्जिन कॉल आए और मजबूरन बिकवाली ने गिरावट को और तेज कर दिया।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
बेंगलुरु के एक ट्रेडर के मुताबिक, यह सामान्य गिरावट नहीं, बल्कि एक बड़ा लिक्विडिटी इवेंट है। 2 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान दरअसल बड़े स्तर पर मार्जिन कॉल का परिणाम है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड पूरे बाजार का री-प्राइसिंग कर रही है।

भारत में भी असर साफ

भारतीय बाजार में भी इस गिरावट की गूंज सुनाई दी:

  • MCX iCOMDEX बेस मेटल इंडेक्स 1.68% गिरा
  • अप्रैल 2026 गोल्ड फ्यूचर्स 8.11% टूटकर ₹1,32,767 प्रति 10 ग्राम पर
  • मई 2026 सिल्वर 10.72% गिरकर ₹2,02,465 प्रति किलो पर
  • इसके अलावा कॉपर और जिंक जैसी धातुओं में भी गिरावट आई, जबकि गोल्ड ETFs में 6% से 9% तक की कमजोरी दर्ज की गई।

क्या बड़े खिलाड़ी की एग्जिट?

फिलहाल किसी बड़े निवेशक का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव, सिल्वर में अचानक गिरावट और MCX और ETFs में एकसाथ कमजोरी यह संकेत दे रही है कि बड़े पैमाने पर मजबूरन बिकवाली हुई है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में युद्ध जारी है-ऐसे हालात में आमतौर पर सोना-चांदी सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। इस घटनाक्रम ने “सेफ हेवन” की पारंपरिक धारणा को झटका दिया है। 

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