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Tata Motors Demerger: शेयरहोल्डर्स को नहीं देना होगा कैपिटल गेन टैक्स, लेकिन बेचते समय इस बात का जरूर रखें ध्यान

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Oct 03, 2025 01:15 pm IST,  Updated : Oct 03, 2025 01:15 pm IST

टाटा मोटर्स ने अपने कमर्शियल वाहन (CV) और पैसेंजर वाहन (PV) बिज़नेस को अलग-अलग कंपनियों में बांटने का ऐलान किया है। यह डिमर्जर 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा। शेयरहोल्डर्स के लिए खुशखबरी यह है कि डिमर्जर के समय उन्हें कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

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टाटा मोटर्स डिमर्जर पर बड़ा अपडेट Image Source : PTI

Tata Motors Demerger: टाटा मोटर्स ने 1 अक्टूबर से अपने पैसेंजर व्हीकल (PV) और कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में बांटने का फैसला लिया है। इस डिमर्जर के तहत, जिन इन्वेस्टर्स के पास 14 अक्टूबर की रिकॉर्ड डेट पर टाटा मोटर्स के शेयर होंगे, उन्हें हर एक शेयर के बदले नई कंपनी TML कमर्शियल व्हीकल लिमिटेड का एक शेयर मिलेगा। यानी इन्वेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में बिना कोई एक्स्ट्रा पैसा चुकाए नए शेयर आ जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस पर तत्काल कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन जब भी इन्वेस्टर इन शेयरों को बेचेंगे, तब टैक्स से जुड़ी गणना बेहद अहम होगी।

कैसे तय होगा शेयर की कीमत का बेस?

डिमर्जर के बाद इन्वेस्टर्स को मिले नए शेयर मुफ्त में नहीं माने जाएंगे। दरअसल, आपके पहले खरीदे गए शेयर की लागत को दोनों कंपनियों के बीच नेट बुक वैल्यू (NBV) अनुपात के हिसाब से बांटा जाएगा। उदाहरण के लिए अगर आपने 1000 रुपये में शेयर खरीदे हैं और कंपनी NBV अनुपात 60:40 बताती है, तो 600 रुपये पुराने टाटा मोटर्स शेयर की लागत मानी जाएगी और 400 रुपये नई कंपनी के शेयर की। यह अनुपात कंपनी या उसके रजिस्ट्रार की ओर से आधिकारिक रूप से जारी किया जाता है।

टैक्स कब लगेगा?

डिमर्जर के समय केवल नए शेयर मिलना टैक्स योग्य घटना नहीं है। आयकर अधिनियम की धारा 47(vib)/(vid)/(vb) के अनुसार, डिमर्जर के दौरान शेयरहोल्डर्स को दिए गए नए शेयरों को ट्रांसफर नहीं माना जाता और इस पर कोई टैक्स नहीं लगता। कैपिटल गेन टैक्स तभी लगेगा जब इन्वेस्टर इन शेयरों को बेचेंगे।

होल्डिंग पीरियड नहीं होगा रीसेट

डिमर्जर के बाद इन्वेस्टर्स का होल्डिंग पीरियड भी वहीं से जारी मानी जाएगी, जहां से उन्होंने मूल कंपनी के शेयर खरीदे थे। यानी अगर आपने 2021 में टाटा मोटर्स के शेयर खरीदे थे और 2025 में डिमर्जर हुआ, तो नई कंपनी के शेयर की होल्डिंग अवधि भी 2021 से मानी जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि शेयर लंबे समय तक रखने पर उन्हें लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) माना जाएगा और इस पर कम टैक्स लगेगा।

डिविडेंड पर अलग टैक्स

अगर भविष्य में टाटा मोटर्स और नई कंपनी दोनों डिविडेंड घोषित करती हैं, तो उस पर टीडीएस कटेगा और इसे इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज के तहत टैक्स योग्य आय माना जाएगा।

इन्वेस्टर्स को क्या करना चाहिए?

  • कंपनी या RTA से मिले NBV अनुपात की कॉपी सुरक्षित रखें।
  • अपने डीमैट अकाउंट में शेयरों का बेस कॉस्ट सही तरीके से मार्क करें।
  • शेयर बेचते समय प्लेटफॉर्म की ऑटो-कैलकुलेशन पर भरोसा करने की बजाय खुद गणना जरूर जांचें।
  • आयकर रिटर्न भरते समय इसे शेड्यूल 112A में सही-सही रिपोर्ट करें।

Disclaimer: यह न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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