Sunday, February 08, 2026
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केंद्रीय कैबिनेट ने 4 रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी, 85.84 लाख की आबादी को सीधे फायदा, जानें कहां हैं ये प्रोजेक्ट

ये परियोजनाएं चार राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 18 जिलों को कवर करेंगी। इन परियोजनाओं से लगभग 3,633 गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 85.84 लाख है।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Published : Oct 07, 2025 04:03 pm IST, Updated : Oct 07, 2025 04:22 pm IST
नई दिल्ली में मंगलवार को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।- India TV Paisa
Photo:PIB नई दिल्ली में मंगलवार को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव।

केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को चार रेल परियोजनाओं को मंगलवार को मंजूरी दे दी। इस बात की जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन रेलवे परियोजनाओं में वर्धा-भुसावल तीसरी और चौथी लाइन, गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी लाइन, वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी लाइन और इटारसी-भोपाल-बीना चौथी लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं की लागत करीब ₹24,634 करोड़ आएगी। ये परियोजनाएं चार राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ के 18 जिलों को कवर करेंगी और इनसे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 894 किलोमीटर की वृद्धि होगी।

मंज़ूर की गई परियोजनाएं:

वर्धा - भुसावल: तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण - 314 किलोमीटर (महाराष्ट्र)

गोंदिया - डोंगरगढ़: चौथी लाइन का निर्माण - 84 किलोमीटर (महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़)

वडोदरा - रतलाम: तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण - 259 किलोमीटर (गुजरात और मध्य प्रदेश)

इटारसी - भोपाल - बीना: चौथी लाइन का निर्माण - 237 किलोमीटर (मध्य प्रदेश)

कनेक्टिविटी और फायदा

इन परियोजनाओं से लगभग 3,633 गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनकी आबादी लगभग 85.84 लाख है। इनमें दो आकांक्षी ज़िले- विदिशा (मध्य प्रदेश) और राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) भी शामिल हैं, जिन्हें बेहतर रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। मल्टी-ट्रैकिंग से यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही की क्षमता बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों की गति में सुधार होगा और विलंब कम होगा। इन परियोजनाओं से इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

गतिशीलता में वृद्धि होगी

सरकार का कहना है कि इन प्रोजेक्ट के तहत बढ़ी हुई लाइन क्षमता से गतिशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार हैं। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के नए भारत के दृष्टिकोण के मुताबिक हैं, जो क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के माध्यम से "आत्मनिर्भर" बनाएगा और उनके रोज़गार/स्वरोज़गार के अवसरों को बढ़ाएगा।

पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के मुताबिक हैं प्रोजेक्ट

ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाई गई हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। ये परियोजनाएं लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। परियोजना खंड सांची, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, भीमबेटका की शैलाश्रय, हजारा जलप्रपात, नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान आदि जैसे प्रमुख स्थलों के लिए रेल संपर्क भी प्रदान करता है, जो देश भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

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