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कौन हैं शक्तिकांत दास जिन्हें बनाया गया प्रधानमंत्री का दूसरा प्रिंसिपल सेक्रेटरी, क्यों हैं PM के खास?

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Feb 22, 2025 07:59 pm IST,  Updated : Feb 22, 2025 07:59 pm IST

नोटबंदी और GST जैसे बड़े सुधारों में शक्तिकांत दास ने अहम भूमिका निभाई थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर रहते उन्होंने वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास पर फोकस किया।

शक्तिकांत दास- India TV Hindi
शक्तिकांत दास Image Source : FILE

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दूसरा प्रिंसिपल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। गुजरात कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी पी के मिश्रा इस समय प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत हैं। एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, तमिलनाडु कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी दास का कार्यकाल प्रधानमंत्री के कार्यकाल तक या अगले आदेश तक होगा। आदेश में कहा गया, ''मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने शक्तिकांत दास, आईएएस (रिटायर्ड) को प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव - 2 के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।''

PM मोदी के हैं बेहद भरोसेमंद

दास ने एक सिविल सेवक के रूप में मुख्य रूप से फाइनेंस, टेक्सेशन, इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स में काम किया है। वे भारतीय रिजर्व बैंक के 25वें गवर्नर बने और उन्होंने भारत के जी20 शेरपा तथा 15वें वित्त आयोग के सदस्य के रूप में भी काम किया है। बता दें कि शक्तिकांत दास पीएम मोदी के बेहद भरोसेमंद माने जाते हैं।

नोटबंदी और GST जैसे बड़े सुधारों में निभाई अहम भूमिका

शक्तिकांत दास आरबीआई के 25वें गवर्नर रह चुके हैं। दास ने 11 दिसंबर 2018 को उर्जित पटेल के बाद आरबीआई गवर्नर का पदभार संभाला था। पटेल के अचानक इस्‍तीफे के बाद दास की नियुक्ति हुई थी। शक्तिकांत दास IMF, G20 और BRICS जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। नोटबंदी और GST जैसे बड़े सुधारों में दास ने अहम भूमिका निभाई थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर रहते उन्होंने वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विकास पर फोकस किया। कोरोना महामारी के दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता ने भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी सहारा दिया।

क्या रही है एजुकेशन?

दास का जन्म ओडिशा में साल 1957 में हुआ था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की। दास साल 1980 में IAS बने थे। तमिलनाडु कैडर के चलते राज्य सरकार में उन्होंने वाणिज्यिक कर आयुक्त और उद्योग के प्रमुख सचिव जैसे कई पदों पर काम किया। इसके बाद वे केंद्र सरकार में आ गए और उन्होंने वित्त मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवाएं दी।

क्यों हैं पीएम के खास?

शक्तिकांत दास को पीएम मोदी का बेहद भरोसेमंद शख्स माना जाता है। इसका कारण है कि उन्होंने सरकार की कई पहलों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दास ने IBC और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के पुनर्पूंजीकरण और विलय जैसे कई सुधारों को लागू किया। साथ ही उन्होंने  नोटबंदी और GST जैसे बड़े सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। GST के सफल कार्यान्वयन के लिए राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने में दास सबसे आगे खड़े लोगों में थे। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने इकोनॉमी को सपोर्ट देने वाले उपाय लागू किए। उन्होंने गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में लिक्विडिटी की कमी को दूर करने के लिए कई उपाय किए। दास ने 1991 में भारत के लिए 22 अरब डॉलर के IMF बेलआउट पैकेज पर बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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