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कौन होगा जीएसटी कंपनसेशन सेस पर मंत्री समूह का संयोजक? जानिए क्या आ रही खबर

 Edited By: Pawan Jayaswal
 Published : Sep 15, 2024 02:51 pm IST,  Updated : Sep 15, 2024 02:51 pm IST

आमतौर पर जीओएम के सबसे वरिष्ठ सदस्य को इसका संयोजक बनाया जाता है। इसलिए, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री के जीएसटी मुआवजा उपकर पर जीओएम के संयोजक होने की संभावना है।

जीएसटी- India TV Hindi
जीएसटी Image Source : FILE

वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर पर काम कर रहे मंत्री समूह (GoM) के संयोजक हो सकते हैं। इसमें राज्यों के सदस्य भी शामिल होंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने आगे कहा कि संदर्भ की शर्तें (टीओआर) और जीओएम के सदस्यों को अंतिम रूप देने का काम जारी है। अधिकारी ने कहा,‘‘जीओएम को यह सुझाव देना होगा कि अहितकर और विलासिता की वस्तुओं पर एकत्रित उपकर को केंद्र और राज्यों के बीच कैसे बांटा जाएगा। साथ ही जीओएम इस बदलाव को लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी संशोधनों पर सुझाव देगा।’’अधिकारी ने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर पर मंत्रियों के समूह के सदस्यों पर निर्णय की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन, चूंकि मुद्दा उपकर के संबंध में है, जो केंद्र द्वारा एकत्र किया जाता है, और इसका बंटवारा होगा, ऐसे में जीओएम में केंद्र से भी एक सदस्य होगा।

GoM का सबसे वरिष्ठ सदस्य होता है संयोजक

अधिकारी ने कहा,‘‘आमतौर पर जीओएम के सबसे वरिष्ठ सदस्य को इसका संयोजक बनाया जाता है। इसलिए, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री के जीएसटी मुआवजा उपकर पर जीओएम के संयोजक होने की संभावना है।’’जीएसटी परिषद ने पिछले सप्ताह अपनी बैठक में मंत्रियों का एक समूह गठित करने का निर्णय लिया था जो परिषद को सुझाव देगा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर पर कैसे आगे बढ़ा जाए। कोविड महामारी के वर्षों में राजस्व में कमी की भरपाई के लिए जो कर्ज लिया गया था उसके भुगतान के लिए विलासिता और अहितकर उत्पादों पर यह लगाया जाता है।

मार्च, 2026 तक बढ़ाया गया है मुआवजा उपकर

सरकार ने राज्यों के राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 में 2.69 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। जीएसटी परिषद ने ऋण और ब्याज चुकाने के लिए मुआवजा उपकर को मार्च, 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह कहा था कि ऋण और ब्याज का भुगतान दिसंबर, 2025 या जनवरी, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। जीओएम क्षतिपूर्ति उपकर के भविष्य पर फैसला लेगा कि कैसे इसे केंद्र और राज्यों के बीच विभाजित किया जाए। साथ ही मंत्री समूह यह भी देखेगा कि कानून में क्या बदलाव करने की जरूरत है, क्योंकि अब इसे क्षतिपूर्ति उपकर नहीं कहा जा सकता है। मंत्री समूह यह देखेगा कि क्या इसे क्षतिपूर्ति उपकर के अलावा किसी अन्य रूप में जारी रखा जा सकता है। क्षतिपूर्ति उपकर को शुरुआत में राज्यों को हुए राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए पांच साल को लाया गया था। यह जून, 2022 में समाप्त हो गया था, लेकिन इससे जुटाई गई राशि का इस्तेमाल केंद्र द्वारा कोविड-19 के दौरान लिए गए कर्ज और ब्याज के 2.69 लाख करोड़ रुपये के भुगतान के लिए किया गया। जून, 2022 में केंद्र ने क्षतिपूर्ति उपकर को मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया था। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) एक जुलाई, 2017 को लागू हुआ था।

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