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Impact on EMI: ब्याज दरें बढ़ने से आपकी जेब पर पड़ेगा कितना असर? 30 लाख और 50 लाख के लोन की अब इतनी होगी किस्त!

हम एक सामान्य परिस्थिति के मुताबिक 30 लाख और 50 लाख के लोन की गणना कर बताएंगे कि आप पर ब्याज दरों का बोझ कितना पड़ेगा।

India TV Paisa Desk Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: May 04, 2022 17:00 IST
Home And Car Loan EMI- India TV Paisa
Photo:FILE

Home And Car Loan EMI

Highlights

  • आरबीआई ने रेपो दर को पहले के 4% से 40 बीपीएस बढ़ाकर 4.40% कर दिया है
  • नई ब्याज दरों के अनुसार होम और कार लोन की ईएमआई बढ़ाने का दबाव बढ़ा
  • 30 लाख के लोन पर अगले महीने से सीधे सीधे 720 रुपये की चपत लग सकती है

Impact on EMI: महंगाई के बीच आम नौकरीपेशा इंसान पर एक और मार पड़ी है। एक आश्चर्यजनक फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अचानक ब्याज दरों में वृद्धि की घोषणा कर दी है। आरबीआई ने रेपो दर को पहले के 4% से 40 बीपीएस बढ़ाकर 4.40% कर दिया है। पिछली बार रेपो दर में मई 2020 में कटौती की गई थी।

बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। ऐसे में अब बैंकों पर नई ब्याज दरों के अनुसार होम और कार लोन की ईएमआई बढ़ाने का दबाव भी बढ़ गया है। जल्द ही बैंकों की ओर से इसकी घोषणा भी हो सकती है। ऐसे में हर कोई यही जानने की कोशिश कर रहा है कि इस ब्याज वृद्धि से उसकी जेब पर क्या असर पड़ेगा। इस मुसीबत को हल करने के लिए हम एक सामान्य परिस्थिति के मुताबिक 30 लाख और 50 लाख के लोन की गणना कर बताएंगे कि आप पर ब्याज दरों का बोझ कितना पड़ेगा। 

रेपो रेट और EMI का कनेक्शन

जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंक भी ज्यादातर समय ब्याज दरों को कम करते हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों को दिए जाने वाले लोन की ब्याज दरें कम होती हैं, साथ ही EMI भी घटती है। इसी तरह जब रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण ग्राहक के लिए कर्ज महंगा हो जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कॉमर्शियल बैंक को केंद्रीय बैंक से उच्च कीमतों पर पैसा मिलता है, जो उन्हें दरों को बढ़ाने के लिए मजबूर करता है।

30 लाख रुपये के लोन पर कितनी बढ़ेगी EMI

Rate hike

Image Source : INDIATV
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यहां हम रघु का उदाहरण लेकर समझेंगे। रघु ने बैंक से अपने 2 बीएचके मकान के लिए 30 लाख का लोन लिया था। इस लोन की अवधि 20 साल की थी। 2021 में लोन देते वक्त बैंक ने 6.8% की ब्याज दर तय की थी। इसके अनुसार रघु हर महीने 22900 रुपये की EMI भर रहा था। अब यदि रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट यानि .4 प्रतिशत की वृद्धि को बैंक पूरा पूरा ग्राहक पर ट्रांसफर करता है तो नई ब्याज दर 7.2% हो जाएगी। इस प्रकार समान अवधि के लोन के लिए EMI 23620 रुपये हो जाएगी। यानि रघु को अगले महीने से सीधे सीधे 720 रुपये की चपत लगेगी। 

50 लाख के लोन पर कितनी EMI

दूसरा उदाहरण हम राधिका साठे का लेंगे, जिन्होंने अपने 3 बीएचके मकान के लिए 50 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इस लोन की अवधि 20 साल की थी। बैंक के साथ मोलभाव के बाद वे 6.7 पर्सेंट की दर से लोन चुकाने की बात तय हुई थी, यहां उनकी EMI 37,870 रुपये होती थीं। यदि उनका बैंक रिजर्व बैंक की बढ़ोतरी पूरी तरह नहीं बढ़ाती हैं, तो लोन का रेट 6.95% हो जाएगा। इस तरह उनकी EMI बढ़कर 39,066 हो जाएगी। यानि उनकी जेब से 1196 रुपये हर महीने ज्यादा निकलेंगे। 

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