1. Hindi News
  2. पैसा
  3. मेरा पैसा
  4. शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, सस्ते मकानों को GST के तहत सेवा कर से मिले छूट

शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, सस्ते मकानों को GST के तहत सेवा कर से मिले छूट

 Written By: Manish Mishra
 Published : Mar 07, 2017 10:54 am IST,  Updated : Mar 07, 2017 10:58 am IST

शहरी विकास मंत्री एम वैंकेया नायडू ने सस्ते मकानों को GST प्रणाली के तहत सेवा कर से छूट देने की बात की है, ताकि सस्‍ते मकानों की कीमतें नहीं बढ़ें।

शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, सस्ते मकानों को GST के तहत सेवा कर से मिले छूट- India TV Hindi
शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, सस्ते मकानों को GST के तहत सेवा कर से मिले छूट

नई दिल्ली। शहरी विकास मंत्री एम वैंकेया नायडू ने सस्ते मकानों को GST प्रणाली के तहत सेवा कर से छूट देने की वकालत की है, ताकि कम लागत वाले मकानों की कीमतें नहीं बढ़ें। नायडू ने रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई के एक कार्यक्रम में राज्यों से कहा कि वे अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट दें तथा अन्य के लिए इसे युक्तिसंगत बनाएं।

उन्होंने आश्वस्त किया कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली से कीमतें नहीं बढ़ेंगी और अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट के लिए तो निश्चित तौर पर नहीं बढ़ेंगी।

यह भी पढ़ें :आधार के बिना इन 36 सरकारी सेवाओं का नहीं मिलेगा लाभ, अब ये योजनाएं भी आधार से जुड़ी

अभी अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट को सेवा कर से मिलती है छूट

  • नायडू ने कहा कि इस समय अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट को सेवा कर से छूट है।
  • मेरा मंत्रालय इस क्षेत्र को GST के तहत भी यह छूट जारी रखने की जरूरत का मुद्दा वित्त मंत्रालय के सामने पहले ही उठा चुका है।
  • उन्होंने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट को बजट में बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया गया है और इससे खरीदारों में नकदी उपलब्धता बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
  • मंत्री ने कहा कि भले ही रियल एस्टेट को GST के दायरे में रखने के बारे में स्पष्टता नहीं हो लेकिन ‘एक देश एक कर’ के इस बड़े सुधार से इस क्षेत्र को फायदा होगा ही।

यह भी पढ़ें :सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए उठाया बड़ा कदम, ई-फाइलिंग शुल्क 50% घटाए

मकानों का कब्जा समय पर दें कंपनियां: नायडू

  • वेकैया नायडू ने बिल्डरों से मकान खरीदने वालों से किए वादे को पूरा करने और समय पर उसकी डिलीवरी करने को कहा।
  • वहीं जमीन-जायदाद के विकास से जुड़ी कंपनियों ने मौजूदा परियोजनाओं को नए रियल्टी कानून से छूट दिए जाने की मांग की।
  • नायडू ने कुछ शहरों में जमीन की आसमान छूती कीमतों को लेकर चिंता जताई और कहा कि उसे लोगों के लिए सस्ता बनाने के लिए नीचे लाने की जरूरत है।

नायडू ने कहा,

सरकार आपसे किए वादों से अधिक करने के लिए नहीं कह रही है। आपने कागज पर जो भी वादा किया है, आप केवल उसको पूरा कीजिए। हम आपके साथ हैं।

  • नायडू क्रेडाई के चेयरमैन इरफान रज्जाक की मांग पर जवाब दे रहे थे।
  • रज्जाक ने यह मांग की है कि नया रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) कानून (RERA) पिछली तिथि से लागू नहीं होना चाहिए और केवल नई परियोजनाओं पर ही लागू होना चाहिए।
  • यह मांग ऐसे समय की गई है जब रियल्टी कंपनियां पिछले कुछ साल से ग्राहकों को समय पर आवासीय इकाई उपलब्ध नहीं करा रही हैं।
  • इससे ग्राहकों में नाराजगी है और खरीदारों द्वारा विभिन्न अदालतों में कई मुकदमें चल रहे हैं।

यह भी पढ़ें :पोस्टपेड यूजर्स के लिए एयरटेल का सरप्राइज ऑफर, 13 मार्च से मिलेगा फ्री डाटा

  • उन्होंने कहा, ‘जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं, उस पर मंत्रालय विचार कर रहा है। मौजूदा परियोजनाओं के संदर्भ में भी।’
  • वेंकैया नायडू ने कहा कि क्षेत्र को रातों-रात फरार होने वाली इकाइयों से निपटने की जरूरत है।
  • मंत्री ने बिल्डरों से सेक्टर में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल लेन-देन अपनाने को कहा। रियल एस्टेट क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए उन्होंने कहा कि डेवलपर्स को अपने परिदृश्य में बदलाव लाने की जरूरत है तथा वे नए व्यापार सिद्धांत और मॉडल लेकर आएं।
  • व्यापार सुगमता के बारे में नायडू ने कहा कि सरकार रियल एस्टेट परियोजनाओं में त्वरित मंजूरी की दिशा में काम कर रही है।
  • उन्होंने संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने की भी वकालत की ताकि सरकार लोगों के हित में कठिन फैसले कर सके।
Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Personal Finance से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा