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Inverter खरीदते वक्‍त रखें 5 बातों का ख्‍याल

Sachin Chaturvedi @sachinbakul Published : Apr 06, 2016 08:00 am IST, Updated : Apr 06, 2016 12:19 pm IST

Things to remember before buying an Inverter.

Summer Special: खरीदने जा रहे हैं Inverter तो इन 5 बातों का रखें ख्‍याल- India TV Paisa
Summer Special: खरीदने जा रहे हैं Inverter तो इन 5 बातों का रखें ख्‍याल

नई दिल्‍ली। तपती गर्म दोपहर या उमस भरी रात में बिजली चली जाना किसी सजा से कम नहीं है। गर्मी शुरू होते है गांव हों या शहर, सभी जगह लोड शेडिंग(बिजली कटौती) या फिर पावर फॉल्‍ट की रफ्तार भी बढ़ गई है। ऐसे में भीषण गर्मी के अलगे तीन से चार महीने आपको सुकून की जिंदगी पाने का एक मात्र उपाय इन्‍वर्टर है। आज बाजार में ब्रांडेड कंपनियों से लेकर लोकल मेड इन्‍वर्टर मौजूद हैं। जिनकी अपनी अपनी खासियत और कीमत है। वहीं आपकी अलग अलग जरूरत के हिसाब से इनकी वैरायटी भी अलग है। अगर आप भी अगले कुछ दिनों में नया Inverter खरीदने जा रहे हैं तो आपके लिए इंडिया टीवी पैसा की टीम आपको कुछ ऐसे टिप्‍स बताने जा रही है, जो आपको आपकी जरूरत के मुताबिक सही इन्‍वर्टर खरीदने में मददगार होंगे।

अपनी जरूरत के अनुसार करें Inverter का चयन

Inverter खरीदने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी जरूरत क्‍या है। ध्‍यान रखें इन्‍वर्टर जेनरेटर नहीं होता। यह सीमित मात्रा में पावर बैकअप देता है। यह बात समझ लें कि इन्‍वर्टर सामान्‍य बिजली की तरह आपके घर को पावर बैकअप नहीं दे सकता है। ऐसे में आपका घर कितना बड़ा है, आपको कितने पंखे या बल्‍ब चलाने हैं, आपके पास इलेक्ट्रिकल और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स उपकरण कितने हैं जिनके लिए आपको पावर बैकअप की जरूरत है। बाजार में कई हैवी इन्‍वर्टर मौजूद हैं, जो आपके एसी और फ्रिज जैसे इक्विपमेंट चला सकते हैं। लेकिन घंटों की सर्विस ये भी नहीं दे सकते। ध्‍यान रखें कि सभी इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट शुरू होने के लिए ज्‍यादा बिजली की खपत करते हैं। जैसे 18 वॉट की सीएफएल को शुरू होने के लिए 25 वॉट की पावर चाहिए होती है। वहीं एसी और फ्रिज को दोगुनी क्षमता की जरूरत होती है। ऐसे में पावर जितनी ज्‍यादा हो उतना बेहतर है।

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Inverter खरीदने से पहले जान लें उसके प्रकार

बाजार में उपलब्ध इनवर्टर के 2 प्रकार होते हैं। पहला मॉडिफाइड साइन वेव और दूसरा प्योर साइन वेव इनवर्टर। मॉडिफाइड साइन वेव इनवर्टर हालांकि सस्ते होते हैं, पर उनकी कार्यक्षमता कम होती हैं। साथ ही इनमें से आवाज भी आती है। इन मॉडिफाइड साइन वेव इन्वर्टर से गर्मी के रूप में काफी बिजली का भी नुक्सान होता हैं। ये कुछ संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए भी नुकसानदायक भी हो सकते हैं। दूसरी ओर प्योर साइन वेव इनवर्टर हालांकि महंगे जरूर होते हैं, परन्तु यह सबसे अधिक कार्यकुशल होते हैं। यह हाई एनर्जी कंजम्‍प्‍शन वाले उपकरणों को चलाने में भी पूर्ण सक्षम होते हैं। अगर आप के पास ऑडियो सिस्टम और वीडियो गेम जैसे उपकरण हैं तो उनके लिए भी प्योर साइन वेव इन्वर्टर ज़्यादा अच्छे होते हैं।

समझदारी से करें बैटरी का चयन

इन्‍वर्टर का सबसे महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा उसकी बैटरी होती है। आमतौर पर आपको इन्‍वर्टर के साथ बैटरी अलग से खरीदनी पड़ती है। वहीं कुछ ब्रांडेड कंपनियां इन्‍वर्टर और बैटरी एक साथ भी बेचती हैं। लेकिन दोनों ही परिस्थितियों में आपको बैटरी के चयन में समझदारी से काम लेना होगा। बाजार में उपलब्ध बैटरी मुख्यतः 3 प्रकार के होती हैं। पहली फ्लैट प्लेट बैटरी, दूसरी ट्यूबलर बैटरी और तीसरी ड्राई या फिर रखरखाव मुक्त बैटरी। इन तीनो बैटरियों में फ्लैट प्लेट बैटरी सबसे सस्ती बैटरी होती हैं, लेकिन उनकी लाइफ कम होती है और अधिक रखरखाव की आवश्यकता पड़ती हैं। रखरखाव मुक्त बैटरी की लाइफ इनसे कुछ ज्‍यादा होती है, लेकिन रखरखाव कम और अधिक लागत की होती हैं। ऐसे में ट्यूबलर बैटरी सबसे बेहतर होती है। इनकी लाइफ लंबी, रखरखाव कम होता है।

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Inverter लें या होम यूपीएस

आज बाजार में इन्‍वर्टर के साथ ही नया सेगमेंट और खड़ा हो गया है। वह है होम यूपीएस। यह इन्‍वर्टर और यूपीएस दोनों का काम करता है। होम यूपीएस डीसी करंट को एसी करंट में बदलकर पावर बैकअप के रूप में प्रयोग करता है। जैसा नाम से ही पता चलता है कि अनइंटरेप्‍टेड पावर सप्‍लाई (यूपीएस) के चलते इक्विपमेंट के मेन स्विच से बंद होने या फ्ल‍क्‍चुएट होने की संभावना नहीं होती। सामान्‍य इन्‍वटर्र जहां स्विच होने में 500 मिली सेकेंड का वक्‍त लेता है। वहीं होम यूपीएस मात्र 3 से 5 सेकेंड में स्विच कर जाता है।

इन्‍वर्टर बैटरी की वॉरंटी और सर्विस सपोर्ट

इन्‍वर्टर क्‍योंकि सबसे ज्‍यादा यूज में आता है। इसलिए खरीदारी के वक्‍त इसकी बैटरी और मशीनरी की अलग अलग वॉरंटी और गारंटी की पड़ताल जरूर कर लें। वॉरंटी होने पर कंपनी खराबी आने पर उसकी फ्री मेंटेनेंस करती है। वहीं गारंटी की दशा में आपको नया प्रोडक्‍ट मिलता है। सामान्‍यतया इन्‍वर्टर पर आपको 5 साल से 7 साल तक की वारंटी मिल सकती है। लेकिन बैटरी के मामले में आपको 2 से 4 साल की गारंटी ही मिलती है। लेकिन खरीदारी की वक्‍त ध्‍यान रखें कि आप जिस कंपनी का इन्‍वर्टर खरीद रहे हैं उसका सर्विस सेंटर आपके शहर या कस्‍बे में उपलब्‍ध है या नहीं। ऐसा नहीं हुआ तो वारंटी या गारंटी होने के बावजूद यह आपके लिए खर्चीला सौदा साबित हो सकता है।

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