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Health Insurance लेने जा रहे हैं तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान, वरना बाद में पड़ेगा पछताना

 Written By: Pawan Jayaswal
 Published : Jun 11, 2025 11:32 pm IST,  Updated : Jun 11, 2025 11:32 pm IST

अगर आप किसी पॉलिसी वर्ष में कोई क्लेम नहीं करते हैं, तो बीमा कंपनियां अगले वर्ष आपके बीमा राशि (sum insured) में बढ़ोतरी करती हैं। यह नो-क्लेम बोनस कहलाता है।

हेल्थ इंश्योरेंस- India TV Hindi
हेल्थ इंश्योरेंस Image Source : FILE

समय के साथ हेल्थ इंश्योरेंस की जरूरत और महत्व दोनों बढ़ते जा रहे हैं। यह हमें किसी दुर्घटना या बीमारी में होने वाले अप्रत्याशित खर्चों से बचाता है और हमारी बचत को भी सुरक्षित रखता है। हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण सवाल जो आपको हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय पूछने चाहिए।

कौन-कौन सी बिमारियां होंगी कवर

सबसे पहला और जरूरी सवाल यह है कि आपकी पॉलिसी किन-किन बीमारियों को कवर करती है। सुनिश्चित करें कि आप उन सभी बीमारियों और स्थितियों को समझ लें जो इसमें शामिल हैं, ताकि बाद में पछताना नहीं पड़े।

नो-क्लेम बोनस (NCB) कितना मिलेगा?

अगर आप किसी पॉलिसी वर्ष में कोई क्लेम नहीं करते हैं, तो बीमा कंपनियां अगले वर्ष आपके बीमा राशि (sum insured) में बढ़ोतरी करती हैं। यह नो-क्लेम बोनस कहलाता है। बीमा खरीदते समय यह जरूर पूछें कि कंपनी कितना नो-क्लेम बोनस प्रदान करती है। यह आपके कवर को समय के साथ बढ़ाने का एक शानदार तरीका है।

वेटिंग पीरियड कितना है?

ज़्यादातर पॉलिसियों में पहले से मौजूद बीमारियों (pre-existing diseases) के कवरेज के लिए वेटिंग पीरियड होता है। नियमों के अनुसार, पुरानी बीमारियों के लिए अधिकतम 3 साल का वेटिंग पीरियड हो सकता है, लेकिन कई कंपनियां 2 साल के बाद ही कवरेज देना शुरू कर देती हैं। पॉलिसी लेते समय यह पक्का कर लें कि आपकी किसी बीमारी का कवरेज कितने साल के बाद मिलना शुरू होगा।

पॉलिसी में क्या कवर नहीं है?

हर बीमा पॉलिसी में कुछ अपवाद होते हैं, यानी कुछ ऐसी चीजें जो कवर नहीं की जातीं। यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी खरीदी गई पॉलिसी में क्या-क्या कवर नहीं होगा। इससे आप भविष्य में क्लेम रिजेक्ट होने जैसी समस्याओं से बच सकते हैं।

क्लेम सेटलमेंट रेशो (CSR) कैसा है?

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्टर है। जिस कंपनी से आप पॉलिसी खरीद रहे हैं, उसका क्लेम सेटलमेंट रेश्यो कैसा है, यह जानना बहुत जरूरी है। यह बताता है कि कंपनी अपने ग्राहकों के क्लेम्स का निपटारा करने में कितनी कुशल और भरोसेमंद है। हमेशा ऐसी कंपनियों से पॉलिसी खरीदें जिनका क्लेम सेटलमेंट रेश्यो अच्छा हो।

पार्टनर हॉस्पिटल कौन-कौन से हैं?

बीमा कंपनियां सैकड़ों अस्पतालों के साथ साझेदारी करती हैं। लेकिन यह पता लगाना बहुत जरूरी है कि आपकी पॉलिसी में आपके घर के नजदीक और बेहतर अस्पताल शामिल है या नहीं। कहीं ऐसा न हो कि आपने जो पॉलिसी खरीदी है, उसमें आपके लिए सुविधाजनक और अच्छा अस्पताल उपलब्ध ही न हो, खासकर आपातकालीन स्थिति में।

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