पीएफ अकाउंट होल्डर ईपीएफओ की ऑफिशियल वेबसाइट के जरिये अपना पीएफ नामांकन आसानी से ऑनलाइन जमा कर सकता है। ईपीएफओ खाताधारकों को अपने परिवार के सदस्यों की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए नॉमिनेशन ऐड करने की अनुमति देता है।
UAN नंबर सभी सदस्यों के ईपीएफ अकाउंट से जुड़ा है, भले ही उन्होंने कितनी भी कंपनियों में काम किया हो। घर बैठे ऑनलाइन आप अपने मोबाइल नंबक को यूएएन से लिंक करा सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि अगर बहुत ज्यादा जरूरत न हो तो पीएफ अकाउंट (PF account) में जमा राशि को रिटायरमेंट से पहले नहीं निकालना चाहिए। वैसे जरूरत पड़ने पर कम से कम आप 7 साल की सर्विस पूरी करने के बाद पीएफ अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।
EPF Higher Pension: आज हायर पेंशन वालों के लिए आखिरी मौका है। जिन लोगों ने अभी तक इसके लिए अप्लाई नहीं किया है, जल्दी से उसे निपटा लें ताकि पेंशन का लाभ उठाने में कोई दिक्कत ना हो।
EPF अकाउंट को मैनेज करना आसान नहीं होता है, लेकिन समय बदलने के साथ ही इसे आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जहां अब इससे जुड़ी सर्विसेज का फायदा घर बैठे आसानी से उठाया जा सकता है, वहीं अगर आप एक जगह से नौकरी छोड़कर दूसरी जगह नौकरी करने वाले हैं तो EPF अकाउंट से जुड़ा यह काम जरूर कर लें, क्योंकि इसके आपको आगे बहुत फायदे
EPFO ने सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत आधार लिंक का फैसला लिया था। इस नियम के तहत सभी अकाउंट होल्डर्स का UAN भी आधार वेरिफाइड होना जरूरी है।
मंत्रालय के अनुसार सालाना आधार पर फरवरी 2021 में ईपीएफओ से जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या में 19.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
ईपीएफओ ने अपने सदस्यों के जीवन को और ज्यादा सुगम बनाने के लिए व्हाट्सएप आधारित हेल्पलाइन-सह-शिकायत निवारण प्रणाली की शुरुआत की है।
ईपीएफओ के एक अधिकारी ने कहा कि लगभग 8 से 10 प्रतिशत पीएफ सब्सक्राइर्ब्स को उनके खाते में ब्याज की राशि अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
श्रम मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ईपीएफ पर 8.5 प्रतिशत ब्याज देने का निर्देश पहले ही ईपीएफओ को भेज दिया था और निकाय ने पिछले वित्त वर्ष के लिए खाताधारकों के खातों में ब्याज जमा करना शुरू कर दिया है।
नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में मूल वेतन का 12-12 प्रतिशत योगदान देना होता है।
श्रम मंत्रालय ने अब वित्त मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजकर वित्त वर्ष 2019-20 के लिए देय ब्याज की रकम को 8.5 प्रतिशत की दर से एकबार में ही ईपीएफ खाते में डालने का सुझाव दिया है।
ईपीएफओ ने महामारी के दौरान 52 लाख कोविड-19 दावों का निपटान किया है और अपने सदस्यों को 13,300 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है।
सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय की मंजूरी कुछ दिन में मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अंशधारकों के खातों में ब्याज इसी महीने डाला जाएगा।
ईपीएफओ (EPFO) सदस्य तीन माह का बेसिक वेतन (बेसिक वेतन और महंगाई भत्ता) या अपने कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (EPF) खाते में जमा कुल राशि का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो उसे निकाल सकता है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने बुधवार को 2019-20 के लिए ईपीएफ सदस्यों को 8.5 प्रतिशत ब्याज का भुगतान दो किस्तों में करने को भी अपनी मंजूरी दी है।
अपना एकाउंट रिवाइव कराने के लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस 50 रुपए की पेनाल्टी भी लगाते हैं। जो भी आपकी बकाया राशि है उसे भरने के साथ पेनाल्टी भी देना होगा।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत सरकार ने कोरोना वायरस की संकटपूर्ण स्थिति में वापस न करने वाली अग्रिम भुगतान योजना का प्रावधान किया है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों से वित्त वर्ष 2017-18 के लिये पांच करोड़ अंशधारकों के खातों में 8.55 प्रतिशत ब्याज डालने को कहा है। यह वित्त वर्ष 2012-13 के बाद सबसे कम है।
अगर आप नौकरी छोड़ चुके हैं या रिटायर होने के बाद यह उम्मीद पाले बैठें है कि आपके EPF खाते पर ब्याज मिलेगा तो यह आपकी गलतफहमी है।
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