नैसकॉम की ये सलाह ऐसे समय में आई है जब ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष गहरा गया है।
ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया और वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयर भाव में बुधवार को जोरदार बढ़त दर्ज की गई। बता दें, सरकार ने तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 28% से बढ़ाकर 40% कर दी है।
बुधवार को सिगरेट कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया और इसी के साथ बाजार में इन स्टॉक्स ने रफ्तार पकड़ ली। दिनभर के कारोबार में कुछ शेयरों में 16% तक की छलांग दर्ज की गई।
आशना ने 2018 में NCDRC का दरवाजा खटखटाया था। महिला ने दावा किया था कि होटल के सैलून में खराब हेयर कटिंग की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
IT कंपनियों में आज की गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रॉपिक के हालिया अपडेट से जुड़ी है। निवेशकों में एआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव और पारंपरिक बिजनेस मॉडल्स पर उसके डिसरप्टिव असर को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
बुधवार को शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के स्टॉक्स में भारी-भरकम गिरावट देखी गई।
आज से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अस्थायी लेवी की जगह स्थायी एक्साइज ड्यूटी लागू हो गई है, जिसकी वजह से तंबाकू कंपनी आईटीसी के शेयरों में आज करीब 10 प्रतिशत भारी-भरकम गिरावट दर्ज की गई।
मंगलवार को एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 4.75 अंकों (0.02 प्रतिशत) की मामूली बढ़त के साथ 26,177.15 अंकों पर बंद हुआ।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में H-1B वीजा कार्यक्रम में व्यापक बदलाव किया है। ये कार्यक्रम अमेरिकी कंपनियों को विशिष्ट व्यवसायों में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है।
एच-1बी वीजा धारक बिना किसी प्रतिबंध के अमेरिका में आना-जाना जारी रख सकते हैं, जो फीस घोषणा के बाद उठाई गई सबसे बड़ी चिंताओं में से एक का समाधान है।
सुरेंद्र कुमार जयसवाल ने कहा कि ITC हटाए जाने की वजह से इंडस्ट्री में नया निवेश प्रभावित होगा।
एंप्लॉयर (कंपनी) के साइज और बाकी कॉस्ट के आधार पर H-1B वीजा फीस अभी तक लगभग 2,000 अमेरिकी डॉलर से 5,000 अमेरिकी डॉलर तक था।
अमेरिका के संघीय आंकड़ों के अनुसार, भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 2025 तक 5000 से ज्यादा स्वीकृत H-1B वीजा के साथ इस प्रोग्राम की दूसरी सबसे बड़ी लाभार्थी है।
सोमवार को सेंसेक्स की 30 में से 20 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 10 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
हाल ही में आईबीएम के सीईओ अरविंद कृष्ण ने शेयर किया था कि कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए तेजी से एआई और ऑटोमेशन (स्वचालन) को अपना रही है।
सूत्रों ने बताया कि 31.3 करोड़ शेयर कंपनी में करीब 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। सौदे का कुल आकार 12,927 करोड़ रुपये या (1.51 अरब अमेरिकी डॉलर) आंका गया है।
गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 644.64 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 80,951.99 अंकों पर और निफ्टी 203.75 अंकों के नुकसान के साथ 24,609.70 अंकों पर बंद हुआ था।
आईटीसी लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल इनकम 20,376.3 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रही।
तिमाही आधार पर कंपनी के प्रॉफिट में 21 प्रतिशत और रेवेन्यू में 4.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह अधिग्रहण कंपनी के भविष्य के लिए तैयार पोर्टफोलियो को बढ़ाने की रणनीति के मुताबिक है। अधिग्रहण की लागत को लेकर आईटीसी ने कहा कि यह नकद-मुक्त ऋण-मुक्त आधार पर 472.50 करोड़ रुपये तक है।
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