राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से एक और छात्र ने सुसाइड कर लिया। जानकारी के मुताबिक, जवाहर नगर थाना क्षेत्र में कोचिंग छात्र अपने हास्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, इसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान आर्यन ओझा के रूप में हुई है। छात्र यूपी के संत कबीर नगर जिले का रहने वाला था। वह कृपाशंकर का बेटा था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा में रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह इसी वर्ष फरवरी में कोटा आया था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आर्यन अपने कमरे में फंदे से लटका मिला। उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद, शव को पोस्टमार्टम के लिए MBS अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया। छात्र के परिवार को इस दुखद घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि छात्र की मौत की वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है। जांच अधिकारी कमरे की तलाशी ले रहे हैं और सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रहे हैं।
बता दें कि इस ताज़ा मामले ने एक बार फिर कोटा से सामने आ रहे छात्रों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों की ओर ध्यान खींचा है। कोटा एक ऐसा शहर है जहां हर साल हज़ारों छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग के लिए आते हैं। इस घटना ने कोचिंग छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के उपायों की प्रभावशीलता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाई कोर्ट ने मामले का लिया था संज्ञान
कोटा में बढ़ते सुसाइड के मामले को देखते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने 12 सितंबर, 2022 को एक ऑर्डर जारी किया था, इसमें राज्य सरकार को कोचिंग इंस्टिट्यूट के लिए गाइडलाइन जारी करने और स्टूडेंट्स को साइकोलॉजिकल सपोर्ट और सिक्योरिटी देने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद 11 नवंबर, 2022 को राज्य सरकार ने कोचिंग इंस्टिट्यूट के लिए गाइडलाइन जारी की। सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि वह राजस्थान कोचिंग इंस्टिट्यूट (कंट्रोल एंड रेगुलेशन) बिल लागू करने का इरादा रखती है।
रिपोर्ट- मनीष भट्टाचार्य