धौलपुर जिले के निहालगंज थाना इलाके में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर और उनकी पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई। दोनों के शव घर के अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके मिले। मौत से पहले मैनेजर ने वॉट्सऐप पर ‘अंतिम जोहर’ का स्टेटस लगाया था। स्टेटस देखकर दोस्त घर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस को मौके से एक डायरी भी मिली है, जिसमें दंपति ने अपने परिजनों और दोस्तों के लिए भावुक बातें लिखी हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने यह कदम उठाया? पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
बच्चे स्कूल में थे, दंपति ने कर लिया सुसाइड
करौली जिले के नादौती निवासी बलराम मीणा (37) और उनकी पत्नी सरोज मीणा (33) गुरुद्वारे के पास किराए के मकान में रहते थे। दंपती का चार साल का बेटा आरुष और बलराम के बड़े भाई का बेटा भी उनके साथ रहता था। दोनों बच्चे सुबह स्कूल गए हुए थे। पुलिस के मुताबिक घटना से पहले बलराम मीणा ने दोपहर करीब 12 बजकर 59 मिनट पर वॉट्सऐप पर तीन स्टेटस लगाए। इनमें दो स्टेटस में पति-पत्नी की तस्वीरें थीं जबकि आखिरी स्टेटस में ‘अंतिम जोहर’ लिखा था।
स्टेटस देखकर दोस्त पहुंचा, तब तक देर हो चुकी थी
स्टेटस देखकर बलराम का दोस्त पुष्पेंद्र उनके घर पहुंचा लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। दोस्त ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, जिसके बाद अंदर जाकर देखा तो बलराम और उसकी पत्नी अलग-अलग कमरों में मृत मिले। मामले की सूचना मिलते ही निहालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एडिशनल एसपी वैभव शर्मा और सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।

डायरी में लिखा- हम थक गए हैं, अब आराम करना चाहते हैं
पुलिस ने मौके से एक डायरी बरामद की है जिसमें बलराम ने कई पन्नों पर अपने परिवार और दोस्तों के लिए बातें लिखी हैं। डायरी में तीन दोस्तों और दो भाइयों के साथ माता-पिता के लिए अलग-अलग संदेश लिखे गए हैं। दोस्त पुष्पेंद्र से बेटे आरुष का ख्याल रखने की बात भी कही गई है। जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पति-पत्नी 26 सितंबर को भी ऐसा कदम उठाने की योजना बना रहे थे लेकिन उस दिन दोनों ने अपनी योजना टाल दी। डायरी में लिखा गया कि बच्चे सो रहे हैं, इसलिए सुसाइड की योजना टाल दी।
इसके बाद सोमवार को दोनों ने यह कदम उठा लिया। डायरी में माता-पिता के लिए भी भावुक संदेश लिखा गया है- अपना ध्यान रखना...हम थक गए हैं, अब आराम करना चाहते हैं।
ऑफिस जाना कर दिया था बंद
बता दें कि बलराम मीणा 21 सितंबर से ऑफिस भी नहीं जा रहे थे। उनकी गैरहाजिरी को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है कि आखिर 21 सितंबर से ऐसा क्या हुआ कि बलराम ने ऑफिस जाना बंद कर दिया। पति-पत्नी किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे, मौत से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई और आखिर किस वजह से दोनों ने इतना बड़ा कदम उठाया, इन सभी सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है।
इससे पहले जोधपुर में रिटायर्ड एडिशनल एसपी दशरथसिंह चारण ने सुसाइड कर लिया था। उन्होंने अपने घर में ही फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी थी।
(रिपोर्ट- विनोद तिवारी)
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