राजस्थान: कोटा शहर के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में चंद्रेसल मठ के महंत की अज्ञात बदमाशों ने देर रात चाकू से गोद गोदकर हत्या कर दी। बदमाशों ने सोते हुए महंत पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि इस हमले में चंद्रेसल गांव स्थित मठ में मायापुरी अखाड़े के 35 वर्षिया महंत देवानंद महाराज की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मौत की हर कड़ी को जोड़ा और मामले की जांच में जुट गई है। शव को एमबीएस हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया है।
कौन थे संत स्वामी देवानंद
स्वामी देवानंद, रजवाना, तहसील, चौथ का बरवाड़ा, जिला सवाई माधोपुर के रहने वाले थे। पिछले चार साल से वे कोटा स्थित चंद्रेसल गांव स्थित मठ में रह रहे थे। हालाकी वह यहां नियमित नहीं रहते थे और यहां अक्सर आया जाया करते थे।
हत्या की वजह नहीं आई है सामने
कोटा देहात भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकुट नागर ने बताया कि रात के समय हथियारों से लेस अज्ञात बदमाश चंद्रेसल मठ में घुसे। उस दौरान पुजारी व महंत अपने-अपने कमरे में सो रहे थे। बदमाशों ने पुजारी के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। फिर महंत के कमरे में गए और बदमाशों ने सोते हुए महंत पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। महंत के गर्दन व पीठ पर चाकू के घाव लगे है। फिलहाल हत्या के कारण सामने नहीं आए हैं।
कहां है चन्द्रेसल मठ
ये मठ कोटा शहर के चंद्रेसल गांव में है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार चन्द्रेसल मठ के पास सैकड़ों बीघा जमीन हैं, जो सरकार के माध्यम किसानों को खेती करने के लिए दी जाती हैं। मठ का करोडों रुपया भी जिला प्रशासन के पास रहता है। हाल ही में यहां पुरातत्व विभाग की ओर से विकास कार्य भी कराया जा रहा था, जिससे मठ का स्वरूप निखर गया है। यह मठ काफी प्राचीन है। यहां जगह-जगह शिवलिंग विराजमान है। चन्द्रेसल मठ की खुद की समिति बनी हुई है, साथ ही ट्रस्ट भी अपना काम करता है। महंत की हत्या से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। (इनपुट- दिनेश कश्यप)