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Hartalika Teej 2023: इस शुभ योग में रखा जाएगा हरतालिका तीज का व्रत, जान लीजिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Sep 12, 2023 12:48 pm IST,  Updated : Sep 12, 2023 12:53 pm IST

Hartalika Teej Vrat 2023: हिंदू धर्म में हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन उपवास रखने और शिव-पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Hartalika Teej Vrat 2023- India TV Hindi
Hartalika Teej Vrat 2023 Image Source : INDIA TV

Hartalika Teej 2023: सुहागिनों के सबसे बड़े पर्व में से एक हरतालिका तीज का व्रत 18 सितंबर 2023 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान भोलेनाथ और मां गौरी के संपूर्ण शिव परिवार की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। हरतालिका तीज का व्रत करने से विवाहित महिलाओं को अंखड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और उनके पति पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। सुहागिन महिलाएं जहां अपने सौभाग्य में बढ़ोतरी के लिए इस दिन उपवास रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे पति की प्राप्ति के लिए हरतालिका तीज का व्रत करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस व्रत को सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए किया था। इस व्रत के दौरान सौभाग्यवती महिलाएं लाल वस्त्र पहनकर, मेहंदी लगाकर सोलह श्रृंगार करती हैं और शिव-पार्वती की विधिवत पूजा करती हैं। 

हरतालिका तीज 2023 तिथि और शुभ मुहूर्त

  • भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि आरंभ-  17 सितंबर 2023 को 11 बजकर 8 मिनट से
  • भाद्रपद शुक्ल  तृतीया तिथि समाप्त- 18 सितंबरन 2023 को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक
  • हरतालिका तीज व्रत तिथि- 18 सितंबर 2023
  • हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त - 18 सितंबर 2023 सुबह 6 बजकर 7 मिनट से रात  8 बजकर 24 मिनट तक

हरतालिका तीज बन रहे हैं ये शुभ योग

इस साल हरतालिका तीज पर कई शुभ योग बन रहे हैं। सबसे पहला तो यह कि शिव-गौरी को समर्पित यह व्रत सोमवार के दिन रखा जाएगा। वहीं हरतालिका तीज पर इंद्र और रवि योग बन रहा है। इंद्र योग 18 सितंबर  को सुबह 4 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा जो कि 19 सितंबर को सुबह 4 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। वहीं रवि योग 18 सितंबर को दोपहर बजकर 8 मिनट से आरंभ होगा जो कि 19 सितंबर को सुबह 6 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगा।

हरतालिका तीज व्रत महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने कठोर तप किया था।  मां गौरी के समर्पण और तपस्या को देखते हुए ही भोलेनाथ ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। कहते हैं कि तभी से पार्वती जी के प्रति सच्‍ची श्रृद्धा के साथ यह व्रत किया जाता है। हरतालिका तीज में महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस दौरान कई कठिन नियमों का पालन भी करना पड़ता है। इसके बाद ही भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इंडिया टीवी इस बारे में किसी तरह की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

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