Kajari Teej Puja Vidhi, Samagri List: कजरी तीज सुहागन महिलाओं का एक प्रमुख पर्व है जो इस साल 12 अगस्त को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस तीज पर जौ, गेहूं, चने और चावल के सत्तू में घी मिलाकर तरह-तरह के पकवान बनाये जाते हैं। इस दिन नीम के पेड़ और गायों की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। करवाचौथ की तरह ही कजरी तीज का व्रत भी चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद खोला जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। यहां हम आपको बताएंगे कजरी तीज की संपूर्ण पूजा विधि।
कजरी तीज पूजा सामग्री लिस्ट (Kajari Teej Puja Samagri List)
मां पार्वती और शिवजी की मूर्ति, पीला वस्त्र, जटा नारियल, सुपारी, कलश, अक्षत या चावल, दूर्वा घास, घी, कपूर, कच्चा सूता, नए वस्त्र, केला के पत्ते, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, जनेऊ, अबीर-गुलाल, श्रीफल, चंदन, गाय का दूध, गंगाजल, दही, मिश्री, शहद, पंचामृत, मां पार्वती को चढ़ाने के लिए सुहाग का सामान।
कजरी तीज की पूजा विधि (Kajari Teej Puja Vidhi)
- इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद पूजा स्थल के पास ही एक चौकी रखें और उस पर लाल रंग या पीले रंग का कपड़ा बिछा लें।
- उस चौकी पर माता पार्वती और भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें। आप चाहें तो ये मूर्ति आप मिट्टी से स्वयं भी बना सकती हैं।
- मूर्ति के समक्ष घी का दीपक जलाएं।
- माता गौरी को सोलह श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
- इसके बाद शिव-गौरी की विधि विधान से पूजा करें।
- इसके बाद भगवान शिव को बेलपत्र, गाय का दूध, गंगा जल, चंदन, भांग, इत्र और धतूरा अर्पित करें।
- इसके बाद हाथ में अक्षत लेकर कजरी तीज की कथा सुनें।
- फिर रात में चंद्रदेव की पूजा करें और हाथ में चांदी की अंगूठी और गेहूं के दाने लेकर चांद को जल अर्पित करें।
- इस दिन गरीब सुहागिन महिला को सुहाग का सामान जरूर भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें।
- इसके बाद अपने अपने सास-ससुर पति के पैर छूकर उनका आर्शीवाद लें और व्रत खोल लें।
कजरी तीज पर चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि (Kajari Teej Par Chand Ko Arghya Kaise Dena Hai)
कजरी तीज व्रत का पारण महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही करती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि इस दिन चंद्रदेव को जल का अर्घ्य देते समय हाथ में चांदी की अंगूठी या सिक्का और गेहूं के दाने जरूर ले ले लें। अर्घ्य देने के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। इसके बाद व्रत खोल लें।
कजरी तीज पूजा मुहूर्त 2025 (Kajari Teej Puja Muhurat 2025)
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 6 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 3 बजे से 7:25 बजे तक है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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