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Maa Kalratri Puja: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि का पूजन, देवी को प्रसन्न करने के लिए जानें पूजा विधि, प्रिय भोग, आरती और मंत्र समेत हर जानकारी

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Updated : Mar 24, 2026 11:50 pm IST

Maa Kalratri Puja Vidhi Live Updates: नवरात्रि की सप्तमी पर मां कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो भय -बाधाओं को दूर करती हैं। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोगबन रहा है, जो दिन को और खास बना रहा है। ऐसे में दान और नए कार्यों के लिए आज का दिन बेहद शुभ है। जानिए पूजा विधि, प्रिय भोग, आरती, मंत्र समेत सबकुछ

Maa Kalratri Puja Vidhi- India TV Hindi
चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन Image Source : INDIA TV

Maa Kalratri Puja Vidhi Live Updates: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को अंधकार, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। उनका स्वरूप भले ही भयावह हो, लेकिन अपने भक्तों के लिए वे हमेशा शुभ फल देने वाली और संकटों से रक्षा करने वाली हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, बाधाएं और डर दूर होते हैं और साहस, शक्ति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सही विधि से पूजा करने, प्रिय भोग अर्पित करने, मंत्रों का जाप करने और आरती करने से मां जल्दी प्रसन्न होती हैं और विशेष कृपा बरसाती हैं। ऐसे में आज हम आपको मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि, प्रिय भोग, आरती और मंत्र से जुड़ी हर जरूरी जानकारी बता रहे हैं।

मां कालरात्रि के मंत्र (Maa Kalratri Ke Mantra)

1. जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणि।

जय सार्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥

2. ॐ यदि चापि वरो देयस्त्वयास्माकं महेश्वरि।
संस्मृता संस्मृता त्वं नो हिंसेथाः परमाऽऽपदः ॐ।।

3. ॐ ऐं सर्वाप्रशमनं त्रैलोक्यस्या अखिलेश्वरी।
एवमेव त्वथा कार्यस्मद् वैरिविनाशनम् नमो सें ऐं ॐ।। 

 

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  • 11:50 PM (IST)
    Posted by Vineeta Mandal

    पूजा, दान और मुहूर्त

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि की पूजा से भक्तों को साहस, शक्ति और सुरक्षा मिलती है। साथ ही, जीवन में आने वाले भय और संकट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत काल या विजय मुहूर्त में पूजा, दान और नए कार्य करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे अक्षय पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

  • 11:34 PM (IST)
    Posted by Vineeta Mandal

    मां कालरात्रि के स्वरूप की विशेषता

    जब माता पार्वती ने शुंभ-निशुंभ का वध करने के लिए अपने स्वर्णिम वर्ण को त्याग दिया था, तब उन्हें कालरात्रि के नाम से जाना गया। मां कालरात्रि का वाहन गधा है और इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें से ऊपर का दाहिना हाथ वरद मुद्रा में और नीचे का हाथ अभयमुद्रा में रहता है। जबकि बायीं ओर के ऊपर वाले हाथ में लोहे का कांटा और निचले हाथ में खड़ग है। मां कालरात्रि का रूप उग्र माना जाता है, लेकिन वे अपने भक्तों को हमेशा शुभ फल देती हैं। उन्हें शुभंकारी, काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी और चंडी के नाम से भी जाना जाता है।

  • 10:50 PM (IST)
    Posted by Vineeta Mandal

    आज का शुभ संयोग

    चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए बेहद उत्तम माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है।

  • 10:06 PM (IST)
    Posted by Vineeta Mandal

    मां कालरात्रि की पूजा का महत्व

    चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त पूरे विधि-विधान से मां की आराधना कर उनसे सुख, शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं। मां कालरात्रि को दुष्ट शक्तियों और अंधकार का नाश करने वाली देवी माना जाता है। मान्यता है कि उनकी आराधना करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

  • 8:31 PM (IST)
    Posted by Vineeta Mandal

    मां कालरात्रि का तैंतीस अक्षरों का मंत्र

    मन्त्रमहोदधि में मां कालरात्रि के एक और विशेष मंत्र की चर्चा है, जो कि पूरे एक सौ तैंतीस अक्षरों का मंत्र है, जो व्यक्ति नवरात्र के दौरान उस मंत्र का जप कर लेता है, उसके अन्दर अथाह शक्ति आ जाती है। वह किसी भी स्त्री या पुरुष को अपने वश में कर सकता है और किसी को भी अपने ऊपर मोहित कर सकता है । मंत्र है-

    ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं श्रीं काहेन्श्रवरी सर्वजन मनोहरे सर्वमुख स्तंभिनि सर्व राजवशंकरि सर्वदुष्ट निर्दलिनि सर्व स्त्री पुरुषाकर्षिणी बंदिश्रृंखलास्त्रोटय त्रोटय सर्वशत्रून् भञ्जय भञ्जय द्वेष्टृन् निर्दलय निर्दलय सर्वं स्तंभ्य स्तंभय मोहनास्त्रेण द्वेषिणा उच्चाटय उच्चाटय सर्वं वशं कुरु कुरु स्वाहा देहि देहि सर्वं कालरात्रि कामिनि गणेश्वरि नम:। 

  • 8:02 PM (IST)
    Posted by Vineeta Mandal

    मां कालरात्रि के मंत्र

    1. ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

    2. ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥

    3. ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

    4. ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥

  • 7:29 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Kalaratri Ki Puja: चैत्र नवरात्रि 2026 के सातवें दिन शुभ मुहूर्त

    25 मार्च 2026 शुभ मुहूर्त

    ब्रह्म मुहूर्त - 04:45 AM से 05:33 AM
    प्रातः सन्ध्या - 05:09 AM से 06:20 AM
    अभिजित मुहूर्त - कोई नहीं
    विजय मुहूर्त - 02:30 PM से 03:19 PM
    गोधूलि मुहूर्त - 06:34 PM से 06:57 PM
    सायाह्न सन्ध्या - 06:35 PM से 07:45 PM
    अमृत काल - 09:19 AM से 10:48 AM
    निशिता मुहूर्त - 12:03 AM, मार्च 26 से 12:50 AM, मार्च 26
    सर्वार्थ सिद्धि योग - 06:20 AM से 05:33 PM

  • 7:23 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    25 March 2026 ka Panchang: चैत्र नवरात्रे 2026 की सप्तमी तिथि का पंचांग

    25 मार्च 2026 पंचांग

    तिथि - सप्तमी - 01:50 PM तक फिर अष्टमी
    नक्षत्र - मृगशिरा - 05:33 PM तक फिर आर्द्रा
    योग - सौभाग्य - 03:09 AM, मार्च 26 तक 
    सूर्योदय समय - 06:20 AM
    सूर्यास्त समय - 06:35 PM
    चन्द्रोदय समय - 10:53 AM
    चन्द्रास्त समय - 01:35 AM, मार्च 26

  • 7:22 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Kalratri Kavach: मां कालरात्रि का कवच

    ऊँ क्लीं मे हृदयं पातु पादौ श्रीकालरात्रि।

    ललाटे सततं पातु तुष्टग्रह निवारिणी॥

    रसनां पातु कौमारी, भैरवी चक्षुषोर्भम।

    कटौ पृष्ठे महेशानी, कर्णोशंकरभामिनी॥

    वर्जितानी तु स्थानाभि यानि च कवचेन हि।

    तानि सर्वाणि मे देवीसततंपातु स्तम्भिनी॥

  • 7:17 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    मां कालरात्रि स्तोत्र

     

    हीं कालरात्रि श्री कराली च क्लीं कल्याणी कलावती।

    कालमाता कलिदर्पध्नी कमदीश कुपान्विता॥

    कामबीजजपान्दा कमबीजस्वरूपिणी।

    कुमतिघ्नी कुलीनर्तिनाशिनी कुल कामिनी॥

    क्लीं हीं श्रीं मन्त्वर्णेन कालकण्टकघातिनी।

    कृपामयी कृपाधारा कृपापारा कृपागमा॥

  • 6:42 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Kalratri Puja Live Updates: सफलता पाने के उपाय

    अगर आप हर क्षेत्र में सफलता पाना चाहते है तो आज मिट्टी की एक दियाली में दो कपूर की टिकिया जलाकर देवी कालरात्रि के सामने रखें और उनके इस मंत्र का जप करें

    ॐ ऐं यश्चमर्त्य स्तवैरेभि त्वां स्तोष्यत्यमलानने
    तस्य वित्तिर्धविभवै धनदारादि समप्दाम् ऐं ॐ।
    जप करने के बाद धूप को दोनों हाथों से लेकर अपनी आंखों पर लगाएं।

  • 6:18 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    मां कालरात्रि की कथा (Maa Kalaratri ki Katha)

    पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब दैत्य शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज ने तीनों लोकों में हाहाकार मचा रखा था, तब मां दुर्गा ने अपने सातवें स्वरूप में कालरात्रि का अवतार लिया। रक्तबीज को वरदान था कि उसके रक्त की एक-एक बूंद से नया राक्षस उत्पन्न हो जाएगा। ऐसे में मां कालरात्रि ने दैत्य रक्तबीज का वध किया और उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को मां ने जमीन पर गिरने से पहले ही अपने मुख में भर लिया। मां कालरात्रि की पूजा से भय, नकारात्मकता और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।

  • 6:17 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    मां कालरात्रि पूजा विधि: Maa Kalratri Puja Vidhi

    सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
    पूजा स्थान को साफ कर गंगाजल से शुद्ध करें।
    देवी की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं।
    रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।
    मां को गुड़हल या रातरानी का फूल चढ़ाएं।
    धूप और दीप से विधिपूर्वक पूजा करें।
    मां कालरात्रि का गुड़ का भोग जरूर लगाएं, यह उनका प्रिय भोग माना जाता है।
    कपूर या दीपक से मां की आरती करें।
    परिवार के साथ माता के जयकारे लगाएं।

  • 6:16 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Kalratri Ki Aarti: मां कालरात्रि की आरती

    कालरात्रि जय-जय-महाकाली।
    काल के मुह से बचाने वाली॥
    दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।
    महाचंडी तेरा अवतार॥
    पृथ्वी और आकाश पे सारा।
    महाकाली है तेरा पसारा॥
    खडग खप्पर रखने वाली।
    दुष्टों का लहू चखने वाली॥
    कलकत्ता स्थान तुम्हारा।
    सब जगह देखूं तेरा नजारा॥
    सभी देवता सब नर-नारी।
    गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥
    रक्तदंता और अन्नपूर्णा।
    कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥
    ना कोई चिंता रहे बीमारी।
    ना कोई गम ना संकट भारी॥
    उस पर कभी कष्ट ना आवें।
    महाकाली माँ जिसे बचाबे॥
    तू भी भक्त प्रेम से कह।
    कालरात्रि मां तेरी जय॥

  • 6:09 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    Maa Kalratri Puja Vidhi Live Updates: मां कालरात्रि का मंत्र

    अगर आपके जीवन में हमेशा पैसों आभाव बना रहता है या आप अपनी आर्थिक स्थिति और बेहतर करना चाहते हैं, तो मां कालरात्रि को गुड का भोग लगा कर प्रणाम करके, उनके इस मंत्र का दो माला (216 बार) जाप करें। 
    मंत्र है -

    ॐ यदि चापि वरो देयस्त्वयास्माकं महेश्वरि।
    संस्मृता संस्मृता त्वं नो हिंसेथाः परमाऽऽपदः ॐ।।

  • 6:09 PM (IST)
    Posted by Arti Azad

    मां कालरात्रि के मंत्र

    अगर आपको भी किसी चीज का डर बना रहता है, तो नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि का ध्यान करके उनके इस मंत्र का जप अवश्य ही करना चाहिए। 

    मंत्र है-

    जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणि।
    जय सार्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥

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