Maa Kalratri Puja Vidhi Live Updates: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को अंधकार, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। उनका स्वरूप भले ही भयावह हो, लेकिन अपने भक्तों के लिए वे हमेशा शुभ फल देने वाली और संकटों से रक्षा करने वाली हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, बाधाएं और डर दूर होते हैं और साहस, शक्ति व सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सही विधि से पूजा करने, प्रिय भोग अर्पित करने, मंत्रों का जाप करने और आरती करने से मां जल्दी प्रसन्न होती हैं और विशेष कृपा बरसाती हैं। ऐसे में आज हम आपको मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि, प्रिय भोग, आरती और मंत्र से जुड़ी हर जरूरी जानकारी बता रहे हैं।
मां कालरात्रि के मंत्र (Maa Kalratri Ke Mantra)
1. जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणि।
जय सार्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥
2. ॐ यदि चापि वरो देयस्त्वयास्माकं महेश्वरि।
संस्मृता संस्मृता त्वं नो हिंसेथाः परमाऽऽपदः ॐ।।
3. ॐ ऐं सर्वाप्रशमनं त्रैलोक्यस्या अखिलेश्वरी।
एवमेव त्वथा कार्यस्मद् वैरिविनाशनम् नमो सें ऐं ॐ।।