1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Masik Kalashtami 2025 Date: ज्येष्ठ माह में इस दिन रखा जाएगा कालाष्टमी का व्रत, जानें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा मंत्र

Masik Kalashtami 2025 Date: ज्येष्ठ माह में इस दिन रखा जाएगा कालाष्टमी का व्रत, जानें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा मंत्र

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : May 18, 2025 06:39 pm IST,  Updated : May 18, 2025 06:39 pm IST

Kalashtami 2025: काल भैरव को तंत्र-मंत्र का देवता माना गया है। ऐसे में कालाष्टमी के दिन काल भैरव की उपासना करने से हर तरह की सिद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही शनि और राहु के दुष्प्रभावों से भी छुटकारा मिलता है।

कालाष्टमी व्रत 2025- India TV Hindi
कालाष्टमी व्रत 2025 Image Source : INDIA TV

 Masik Kalashtami 2025 May Date: प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। कालाष्टमी के दिन भगवान शंकर के भैरव स्वरूप की उपासना की जाती है। कालाष्टमी का व्रत करने और काल भैरव की पूजा करने से अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है। दरअसल भैरव के तीन रूप हैं- काल भैरव, बटुक भैरव और स्वर्णाकर्षण भैरव। कालाष्टमी के दिन इनमें से काल भैरव की उपासना की जाती है। कहते हैं कि इस दिन भगवान शंकर के काल भैरव स्वरूप की उपासना करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं और साथ ही मनचाही मुरादें भी पूरी होती है। तो आइए जानते हैं कि मई में कालाष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा। साथ ही जानेंगे शुभ मुहूर्त और पूजा मंत्र के बारे में।

कालाष्टमी व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 20 मई को सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर होगा। अष्टमी तिथि का समापन 21 मई को सुबह 4 बजकर 55 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, कालाष्टमी का व्रत 20 मई 2025 को रखा जाएगा। कालाष्टमी की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त  20 मई को  सुबह 4 बजकर 5 मिनट से सुबह 4 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। वहीं कालाष्टमी की पूजा का निशिता मुहूर्त रात में 11 बजकर 57 मिनट से लेकर देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। 

कालाष्टमी के दिन करें इन मंत्रों का जाप

  • ॐ कालभैरवाय नम:
  • ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं
  • ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं
  • अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम्, भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा दातुमर्हसि
  • ॐ तीखदन्त महाकाय कल्पान्तदोहनम्। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुर्माहिसि

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें-

Shani Jayanti 2025: शनि जयंती के दिन जरूर करें ये काम, साढ़ेसाती और ढैय्या जैसे दोष का प्रभाव होगा कम

Vat Savitri Vrat 2025: पहली बार रखने जा रही हैं वट सावित्री का व्रत तो इन नियमों का रखें ध्यान

Aquarius Zodiac Sign: कुंभ राशि का अच्छा समय कब आएगा? जानिए ज्योतिषी चिराग बेजान दारूवाला से

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म