Tuesday, January 20, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. त्योहार
  4. Ratha Saptami 2025: रथ सप्तमी कब मनाई जाएगी? जान लें सही डेट और इस दिन का महत्व

Ratha Saptami 2025: रथ सप्तमी कब मनाई जाएगी? जान लें सही डेट और इस दिन का महत्व

वसंत पंचमी तिथि के बाद रथ सप्तमी मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है। इसके अगले दिन ही भीष्म अष्टमी मनाई जाएगी, जिसमें पितरों को तर्पण आदि दिया जाता है।

Written By: Shailendra Tiwari @@Shailendra_jour
Published : Jan 30, 2025 03:58 pm IST, Updated : Jan 30, 2025 03:59 pm IST
ratha saptmi- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO रथ सप्तमी

Ratha Saptami: माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी मनाई जाती है। माना जाता है कि यह दिन भगवान सूर्य के प्रति समर्पित है, इस दिन सूर्यदेव की पूजा होती है। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया कि माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर सूर्य देव का अवतरण हुआ था। इस कारण इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि आत्मा के कारण सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है। साथ ही करियर और कारोबार में तरक्की होती है। आइए जानते हैं कि रथ सप्तमी कब मनाई जाएगी...

कब मनाई जाएगी रथ सप्तमी?

हिंदू पंचांग के मुताबिक, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत बसंत पंचमी के बाद 4 फरवरी को सुबह 4.37 बजे हो रही है, जो 5 फरवरी की देर रात 02.30 बजे तक रहेगी। चूंकि सनातन धर्म में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, ऐसे में 4 फरवरी को ही रथ सप्तमी मनाई जाती है। वहीं, रथ सप्तमी के दिन स्नान का शुभ समय 5.23 बजे से 07.08 बजे तक है।

बन रहा ये शुभ योग

ज्योतिषों के मुताबिक, रथ सप्तमी तिथि को बेहद शुभ योग बन रहा है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इनके अलावा, अमृत सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में सूर्य देव की उपासना करने से जातक को सभी प्रकार के सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

इस दिन जातक को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए। दिन की शुरुआत सूर्य देव को प्रणाम कर करें। इसके बाद घर के सभी जरूरी काम निपटा लें और स्नान करें। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें और विधि विधान से सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा करें। पूजा के बाद जरूरतमंदों को दान आदि करें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Festivals से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें धर्म

Advertisement
Advertisement
Advertisement