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Shiv Ji Puja Vidhi: प्रदोष व्रत के दिन पूजा में जरूर रखें ये चीजें, जानें शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए?

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Jun 11, 2026 11:27 pm IST,  Updated : Jun 11, 2026 11:27 pm IST

Pradosh Vrat Shiv Ji Puja Vidhi: प्रदोष व्रत की पूजा इन सामग्रियों के बिना अधूरी मानी जाती है। तो पूजा से पहले थाली में इन चीजों को जरूर रखें। इसके साथ ही जानिए कि पूजा के दौरान शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए।

प्रदोष व्रत- India TV Hindi
प्रदोष व्रत Image Source : PEXELS

Pradosh Vrat Shiv Ji Puja Vidhi: भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत का दिन सबसे उत्तम माना गया है। प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत दिन भोलेनाथ की पूजा करने के लिए प्रदोष का समय सबसे अधिक फलदायी माना जाता है। इस मुहूर्त में महादेव की आराधना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी हो जाती हैं। इतना ही नहीं व्यक्ति के सभी कष्ट और धन से जुड़ी दिक्कतें भी दूर हो जाती है। लेकिन भगवान शिव की पूजा का पूर्ण फल तभी मिलता है जब पूजा नियम के साथ की जाए। तो यहां जानिए प्रदोष पूजा सामग्री के बारे में। इसके साथ ही जानेंगे कि शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए।

प्रदोष पूजा सामग्री लिस्ट

प्रदोष व्रत के दिन पूजा आरंभ करने से पहले थाली में इन चीजों को जरूर रख लें वरना आपकी पूजा अधूरी रह सकती है। शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए शुद्ध जल या गंगाजल, गाय का कच्चा दूध, दही, चीनी और शहद रख लें। वहीं शिवजी की पूजा के लिए सफेद चंदन, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी के पत्ते, आंकड़े के फूल और अक्षत (बिना टूटे चावल) रखें। इसके अलावा धूप, कपूर, घी, दीपक, फल, सफेद मिठाई औ मौली (कलावा) आदि रखना बिल्कुल भी न भूलें।

शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाएं

  • प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं। शिवलिंग पर जल धीरे-धीरे अर्पित करें।
  • इसके बाद शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध अर्पित करें।
  • दूध चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर एक बार फिर शुद्ध जल या गंगाजल से जलाभिषेक करें। 
  • अभिषेक होने के बाद शिवलिंग पर चंदन लगाएं और ऊपर से अक्षत चढ़ाएं। 
  • चंदन लगाने के बाद बेलपत्र अर्पित करें। ध्यान रखें कि शिवलिंग पर बेलपत्र का चिकना हिस्सा नीचे की तरफ रखें। इसके बाद धतूरा, शमी पत्र और फूल चढ़ाएं।
  • अब धूप-दीप जलाएं और शिव चालीसा का पाठ करें इसके बाद शिवजी की आरती करें।

शुक्र प्रदोष 2026 शुभ मुहूर्त

  • त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ - जून 12, 2026 को 07:36 पी एम बजे
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त - जून 13, 2026 को 04:07 पी एम बजे
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त - 07:36 पी एम से 09:25 पी एम
  • अवधि - 01 घंटा  49 मिनट्स

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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