Adhik Maas Pradosh Vrat Upay: शुक्रवार को अधिक मास का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन शिव-शक्ति की साथ में पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष का व्रत रखा जाता है। लेकिन यह प्रदोष व्रत अधिकमास में पड़ रहा है इसलिए इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। अधिकमास 3 साल में लगता है जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। अधिकमास जगत के पालनहार नारायण को समर्पित है। तो अधिक प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ ही विष्णु जी की भी पूजा करें
प्रदोष व्रत का नाम सप्ताह के दिन के हिसाब से रखा जाता है। 11 जून को प्रदोष व्रत किया जाएगा इस दिन शुक्रवार है इसलिए इसे शुक्र प्रदोष कहेंगे। शुक्र प्रदोष व्रत सौंदर्य, भोग, वैवाहिक सुख और धन-संपदा की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत स्त्रियों के लिये विशेष रूप से कल्याणकारी है। इस व्रत से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है और घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। इसके अलावा शुक्र प्रदोष के दिन इन खास उपायों को करने से समस्त परेशानियां दूर हो जाती हैं।
- अपने घर के सदस्यों की खुशहाली के लिए और उनकी तरक्की सुनिश्चित करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन स्नान आदि के बाद शिव मंदिर जाकर सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं और धूप-दीप आदि से भगवान की पूजा करें। अगर संभव हो तो शाम के समय भी फिर से स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनकर शिव मंदिर जाएं। अगर दोबारा स्नान नहीं कर सकते तो केवल हाथ-पैर धोकर, साफ-सुथरे कपड़े पहनकर मंदिर में जाएं और वहां जाकर धूप-दीप आदि से भगवान शंकर की पूजा करें। अगर दोनों समय मंदिर जाकर पूजा करना आपके लिए संभव नहीं है, तो केवल शाम के समय मंदिर जाकर शिव पूजा करें।
- मानसिक रूप से शांति प्राप्त करने के लिए और अपने अंदर पॉजिटिव ऊर्जा की बढ़ोतरी के लिए प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर के आगे आसन बिछाकर बैठ जाएं। मूर्ति स्थापना और आसन बिछाते समय इस बात का ध्यान रखें कि आसन पर बैठते समय आपका मुंह पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए और भगवान की प्रतिमा ठीक आपके सामने होनी चाहिए। इस तरह सब अच्छे से व्यवस्थित होने के बाद केवल 'ॐ' शब्द का तेज आवाज में गहरी सांस लेकर 11 बार उच्चारण करें।
- अगर आप शत्रुओं को परास्त करना चाहते हैं और मुकदमे में जीत हासिल करना चाहते हैं तो शत्रुओं को परास्त करने के लिए और मुकदमे में जीत हासिल करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन शिव मंदिर में जाएं और शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं। साथ ही शिव जी के मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र है-ॐ नम: शिवाय:।
- अगर आप मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहते हैं या आपकी पहले से शादी हो चुकी है, लेकिन उसमें बिल्कुल भी प्यार नहीं है तो प्यार कायम करने के लिये प्रदोष व्रत के दिन आपको जल में थोड़ा-सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाने चाहिए।
- अगर आप अपने बिजनेस की बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो प्रदोष व्रत के दिन रंगोली वाले पांच अलग-अलग रंग लें और शाम के समय शिव मंदिर में जाकर उन रंगों से एक छोटी-सी गोल आकृति में रंगोली बनाएं। अब इस रंगोली के बीचो-बीच में घी का दीपक जलाएं और अपने बिजनेस की बढ़ोतरी के लिए भगवान से प्रार्थना करें।
- अगर आप कर्ज की किश्तों से परेशान हैं तो कर्ज से मुक्ति पाने के लिये और साथ ही अपना आर्थिक पक्ष मजबूत करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के सामने घी का दीपक जलाएं और किसी मिठाई का भोग लगाएं।
- अगर आपको हर समय किसी न किसी चीज का भय बना रहता है, तो इससे बचने के लिए प्रदोष व्रत के दिन बालू, राख, गुड़ और मक्खन मिलाकर शिवलिंग बनाएं और उसका विधि-विधान से पूजन करें। बाद में उस बालू, राख से बनी शिवलिंग को किसी साफ बहते पानी के स्रोत में प्रवाहित कर आएं।
- अगर आपके घर की सुख-समृद्धि को किसी की नजर लग गई है तो उस बुरी नजर से अपने घर को बचाने के लिये प्रदोष व्रत के दिन हाथ में जौ का आटा लेकर भगवान शंकर के चरणों में स्पर्श कराएं। बाद में उस जौ के आटे की रोटियां बना लें और गाय के बछड़े या बैल को खिला दें।
- अच्छे स्वास्थ्य के लिए और एक बेहतर जीवन के लिए प्रदोष व्रत के दिन आप स्नान आदि से निवृत्त होकर अपने घर के आसपास किसी शिव मंदिर में जाएं और वहां जाकर शुद्ध जल में कुछ बूंद दूध और गंगाजल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही भगवान से अपने अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए प्रार्थना करें।
- अगर किसी कारणवश आपके मन पसंद विवाह में लंबे समय से अड़चनें आ रही हैं, तो उन अड़चनों से मुक्ति पाने के लिए प्रदोष व्रत के दिन स्नान आदि के बाद शिव जी को प्रणाम करें और उनके सामने आसन बिछाकर बैठ जाएं। फिर शिव जी के मंत्र का 11 बार जप करें। मंत्र है- ॐ नम: शिवाय। जप पूरा होने के बाद भगवान को पुष्प अर्पित करें।
- अगर आप सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं और आपका बहुत दिनों से प्रमोशन रुका हुआ है, तो नौकरी में जल्द ही प्रमोशन पाने के लिए प्रदोष व्रत के दिन सवा किलो साबुत चावल लें। अब उनमें से कुछ चावल शिव मंदिर में चढ़ाएं और बाकी चावलों को किसी जरुरतमंद को दे दें।
- अगर आप अपने दांपत्य जीवन को सुखी बनाएं रखना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन स्नानदि कार्यों से निवृत होकर शिव मंदिर जाएं और जल में कुछ बूंद गाय का दूध मिलकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद शिव मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र है- ॐ नम: शिवाय। जप पूरा होने के बाद अपने दांपत्य जीवन को सुखी बनाएं रखने के लिए भगवान के सामने हाथ जोड़कर विनती करें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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