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किसी भी समय का हनुमान पाठ नहीं देगा शुभ फल, संकट निवारण ही बनेगा संकट का कारण! जानें पाठ का सही समय

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Nov 06, 2025 12:36 pm IST,  Updated : Nov 06, 2025 12:37 pm IST

Bajrang Baan: संकट के समय में हनुमान जी को केवल स्मरण करने से ही व्यक्ति को मुसीबत छुटकारा मिल जाता है। जब उनका नाम ही इतना पावरफुल है, तो उनका गुणगान करने वाले पाठ, चालीसा के बारे में अंदाजा ही लगाया जा सकता है। बजरंग बाण, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और मंत्र का सही समय और उद्देश्य क्या है।

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कब करें हनुमान जी का पाठ Image Source : CANVA

Best Time to Recite Bajrang Baan: हनुमान जी महा शक्तिशाली हैं, जो अदम्य साहस, सच्ची निष्ठा और भक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। कहते हैं कि अगर व्यक्ति भयमुक्त होना चाहते हैं, तो उसे सच्चे मन से हनुमान जी की भक्ति करना चाहिए। जो साधक सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करके मानवता का धर्म निभाता है, उसे दुखों को सहने की ताकत मिलती है। इसके अलावा व्यक्ति करियर में बार-बार आने वाली रुकावटों से परेशान हो, पारिवारिक कलह हो या शत्रु परेशान कर रहे हों, हनुमान जी हर संकट से उबारते हैं।

बहुत से साधक ये नहीं जानते कि हनुमान जी के अलग-अलग पाठ अलग समय और स्थिति में किए जाते हैं, क्योंकि ये सभी अलग-अलग फल प्रदान करते हैं। लोग तरक्की, ग्रहों के बुरे प्रभाव की शांति, डर, भूत-प्रेत या बाधा से बचने के लिए हनुमान चालीसा या मंत्रों का सहारा लेते हैं। लेकिन धर्म के जानकारों के माने तो केवल पाठ कर लेना काफी नहीं होता है। यह पता होना जरूर है कि कौन-सा पाठ कब करना चाहिए और क्यों करना चाहिए। 

बजरंग बाण: होगी तरक्की और शत्रुओं से बचाव

बजरंग बाण के हर एक शब्द में एक तीव्र और प्रभावशाली ऊर्जा होती है, जो साधक को नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा दिलाती है। यह पाठ व्यक्ति का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, अगर आपकी जिंदगी में बार-बार परेशानियां आ रही हैं, या आप यह महसूस कर रहे हैं कि कोई आपको नुकसान पहुंचाना चाहता है, तो ऐसे स्थिति में बजरंग बाण का पाठ बहुत प्रभावशाली माना जाता है। 

कैसे और कब करें बजरंग बाण का पाठ

बजरंग बाण हनुमान जी के तेज और पराक्रम का प्रतीक है। इसका पाठ मंगलवार या शनिवार के दिन करना चाहिए। कहा जाता है कि मंगलवार या शनिवार को सुबह स्नान करके शुद्ध मन से किया गया बजरंग बाण पाठ आत्मबल बढ़ता है। इससे साधक के शत्रु खुद ही शांत हो जाते हैं। बजरंग बाण का पाठ हमेशा शांत चित्त से करें, कभी भी अशांत मन या गुस्से में पाठ करने नहीं बैठना चाहिए। पाठ के बाद हनुमान जी के नाम का स्मरण करें और उन्हें एक लाल रंग का फूल जरूर अर्पित करें। 

कब करें सुंदर कांड का पाठ 

  • अगर किसी जातक की कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति खराब हो, तब उसे सुंदर कांड का पाठ करना चाहिए। 
  • ऐसे लोग जिनकी कुंडली में शनि ग्रह भारी या प्रतिकूल हो, उन्हें सुंदर कांड का पाठ शुभ फल देता है। 
  • अगर शनिवार के दिन तेल का दीपक जलाकर सुंदर कांड पढ़ता है, तो शनि के प्रभाव कम हो जाते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। 

श्री रामायण जी का यह भाग हनुमान जी की वीरता और समर्पण की गाथा सुनाता है। यह पाठ व्यक्ति को मानसिक शांति देता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है। सुंदर कांड पढ़ते समय अगर घर साफ-सुथरा और शांत वातावरण हो, तो उसका असर और ज्यादा दिखता है। 

हनुमान चालीसा का पाठ

घर में सुख-शांति बनाए रखने के कामना से और ग्रह कलह दूर करने के लिए हनुमान चालीसा हर भारतीय हिंदू परिवारों के घर में किए जाने वाले सबसे लोकप्रिय और असरदार पाठों में से एक है। अगर घर में लगातार झगड़े, तनाव बना रहे, तो रोज सुबह या शाम हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें। इससे हर ग्रह के दुष्प्रभाव कम होते हैं और घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है। 

कब करें हनुमान चालीसा का पाठ

शुक्रवार या मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा पढ़ना बहुत शुभ माना गया है। इन दिनों में साधक को 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके जीवन में स्थायी सुख और आत्मबल आता है। 

कब और कैसे करें हनुमान जी के मंत्र का जाप

भय, भूत-प्रेत या नकारात्मकता दूर करने के लिए 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का बेहद जाप प्रभावशाली माना गया है। 

यह छोटा लेकिन बहुत शक्तिशाली मंत्र है। 

इसे रोज सुबह या रात सोने से पहले मन ही मन जाप करना भी काफी लाभदायक होता है। अगर मन में नकारात्मक विचार आए या अनजाना भय सताने लगे, तो इस मंत्र का रोज 108 बार जाप करना चाहिए। यह मंत्र व्यक्ति के मन को शांति और उसे आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है। 

हनुमान जी के किसी भी पाठ के समय याद रखें ये बातें:

  • पाठ हमेशा शुद्ध मन से करें और इसके लिए घर की साफ-सुथरी जगह को ही चुनें।
  • मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा करें। मारुति नंदन की पूजा से पहले उन्हें सिंदूर, तेल और लाल फूल चढ़ाएं। 
  • हिंदू धर्म ग्रंथों में स्पष्ट तौर पर वर्णित है कि हनुमान जी की कितनी ही भक्ति कर लो, लेकिन वह राम नाम के बिना अपूर्ण ही रहेगी। ऐसे में पाठ खत्म होने के बाद भगवान राम का नाम जरूर लें, क्योंकि बजरंगी के हृदय सियावर रामचंद्र ही बसते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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