सनातन धर्म में पूजा-पाठ के समय दीपक जलाने की परंपरा है। पूजा के दौरान जलाए गए दीपक का धार्मिक महत्व तो सभी जानते हैं, लेकिन कई मान्यताओं में इसकी लौ को भी शुभ-अशुभ संकेतों का माध्यम माना गया है। कहा जाता है कि लौ में बनने वाली कुछ विशेष आकृतियां भविष्य में आने वाले शुभ बदलाव, सुख-समृद्धि या बाधाओं के दूर होने का संकेत दे सकती हैं। आइए जानते हैं जलते दीये में बनने वाली कौन-सी आकृतियां क्या संकेत देती है।
दीपक की लौ का महत्व
पूजा के समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है। दीपक केवल प्रकाश का ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है। माना जाता है कि पूजा के दौरान दीपक की लौ में बनने वाली कुछ विशेष आकृतियां ईश्वरीय संकेतों की ओर इशारा कर सकती हैं।
त्रिशूल, ओम या स्वास्तिक
अगर दीपक की लौ में त्रिशूल, ओम या स्वास्तिक जैसी आकृति दिखाई दे, तो इसे बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह घर पर देवी-देवताओं की कृपा और नकारात्मक ऊर्जा के कम होने का संकेत हो सकता है। इसे जीवन में पॉजिटिविटी और बेहतर बदलाव आने की संभावना से भी जोड़ा जाता है।
फूल जैसी आकृति
अगर लौ में कमल या गुलाब जैसे फूल का आकार दिखाई दे, तो इसे पूजा के सफल होने का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह इस बात का प्रतीक हो सकता है कि आपकी भक्ति स्वीकार हो रही है और निकट भविष्य में कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
हंस या मोर का आकार
दीपक की लौ में हंस या मोर जैसी आकृति दिखाई देना भी शुभ संकेत माना जाता है। मान्यता है कि यह घर में सुख-शांति, पारिवारिक प्रेम और समृद्धि बढ़ने का संकेत देता है। साथ ही मानसिक तनाव कम होने और सकारात्मक वातावरण बनने की संभावना भी मानी जाती है।
गणेश जी की आकृति
अगर लौ में भगवान गणेश जैसा स्वरूप दिखाई दे, तो इसे विघ्नों के दूर होने का संकेत माना जाता है। मान्यता है कि यह रुके हुए कार्यों में गति आने का संकेत हो सकता है। ऐसे संकेत बताते हैं कि व्यक्ति को नए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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