1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Magh Mela 2026: माघ मेला हर साल क्यों लगता है? यहां जानिए इसका धार्मिक महत्व और मान्यताएं

Magh Mela 2026: माघ मेला हर साल क्यों लगता है? यहां जानिए इसका धार्मिक महत्व और मान्यताएं

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Dec 21, 2025 01:00 pm IST,  Updated : Dec 21, 2025 01:14 pm IST

Magh Mela 2026: हिंदू धर्म में माघ मेला का विशेष महत्व होता है। माघ मेला के दौरान संगम में स्नान-दान करने से कई गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

माघ मेला 2026- India TV Hindi
माघ मेला 2026 Image Source : प्रतिकात्मक तस्वीर (UNPLASH)

Magh Mela Histroy and Significance: हर साल माघ माह में प्रयागराज की पावन धरती पर संगम किनारे माघ मेले का आयोजन होता है। त्रिवेणी के तट पर लगने वाले इस माघ मेले से लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। हर साल माघ मेले में लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। कुंभ की तरह ही माघ मेले का भी हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। कुंभ मेला 12 साल में चार स्थानों (प्रयागराज, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार) पर लगता है। वहीं माघ मेला प्रयागराज में ही हर साल माघ महीने में लगता है। तो चलिए जानते हैं कि प्रयागराज में लगने वाले माघ मेला का इतिहास और धार्मिक मान्यताएं क्या हैं। 

माघ मेला 2026 कब से कब तक रहेगा?

माघ मेला पौष पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक लगा रहेगा। हिंदू धर्म में स्नान-दान के लिए पूर्णिमा तिथि अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अलावा स्नान-दान और पुण्य के लिए माघ माह बहुत ही पुण्यकारी माना जाता है। माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी से होगी और समाप्त 15 फरवरी को होगा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ माह में किए गए स्नान-दान से व्यक्ति को कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति होती है और हर तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। 

माघ मेला का इतिहास और मान्यताएं

प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला दुनिया के सबसे बड़े और पुराने आध्यात्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। प्रयागराज की ही वो धरती है जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम हुआ है। तीनों पवित्र नदियों के संगम की वजह से ही यहां स्नान-दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। माघ मेला में संगम में स्नान करने से व्यक्ति को अमृत गुण प्राप्त होते हैं। कहते हैं कि 45 दिनों तक लगने वाले इस मेले में व्यक्ति दान, पुण्य कर के अपने पाप कर्मों से मुक्ति पा सकते हैं।

माघ मेले का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, माघ माह में गंगा स्नान करने से व्यक्ति जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ माह में स्नान-दान के अलावा पूजा-पाठ, यज्ञ, जप और होम का खास महत्व है। ऐसा करने से समस्त देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इस महीने में किए गए धार्मिक अनुष्ठान से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। माघ में कल्पवास का खास महत्व बताया गया। माघ माह में हर साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम के किनारे रेत पर तंबू बनाकर भक्तगण कल्पवास करते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 

Famous Temples: नए साल पर दिल्ली के इन प्रसिद्ध मंदिरों के करें दर्शन, खुशहाली और समृद्धि से भरा रहेगा पूरा वर्ष

Tulsi Pujan Diwas 2025: तुलसी पूजन दिवस कब मनाया जाएगा 24 और 25 दिसंबर? जानें सही डेट और पूजा नियम

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।