1. Hindi News
  2. धर्म
  3. कमजोर मंगल देता है बार-बार रुकावटें, तनाव और संघर्ष, जानिए इसके संकेत और अशुभ प्रभाव दूर करने के आसान उपाय

कमजोर मंगल देता है बार-बार रुकावटें, तनाव और संघर्ष, जानिए इसके संकेत और अशुभ प्रभाव दूर करने के आसान उपाय

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 26, 2026 03:40 pm IST,  Updated : May 26, 2026 03:40 pm IST

Mangal Dosh: ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का कारक माना है। लेकिन यह ग्रह अशुभ प्रभाव देने लगे, तो जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ जाती हैं। कुंडली में मंगल की स्थिति और व्यक्ति का व्यवहार दोनों इसके प्रभाव को प्रभावित करते हैं। जानिए कमजोर मंगल के संकेत और उपाय।

Mangal Dosh- India TV Hindi
कमजोर मंगल के संकेत और उपाय Image Source : FILE IMAGE

Mangal Dosh: कई बार व्यक्ति पूरी मेहनत करता है, फिर भी जीवन में रुकावटें, तनाव और विवाद सामने आते हैं। ज्योतिष शास्त्र में ऐसी स्थितियों के पीछे कमजोर मंगल को एक बड़ा कारण माना जाता है। मंगल साहस और संघर्ष क्षमता का कारक ग्रह है। जब यह ग्रह कमजोर हो, तो इसका असर व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य और रिश्तों पर होता है। ऐसे में इसके संकेतों को समय रहते समझना जरूरी है, ताकि सही उपायों से इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।

क्यों मंगल ग्रह की मजबूती है महत्वपूर्ण 

मंगल को अग्नि तत्व का ग्रह माना गया है। यह व्यक्ति के आत्मबल, निर्णय क्षमता और ऊर्जा को प्रभावित करता है। मंगल का संबंध भूमि, रक्त, भाई-बहन और नेतृत्व क्षमता से भी होता है। यह शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति आत्मविश्वासी और साहसी बनता है, लेकिन कमजोर होने पर जीवन में संघर्ष जैसे गुस्सा, मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और रिश्तों में विवाद बढ़ा सकता है। 

मंगल का नीच राशि में होना

अगर कुंडली में मंगल कर्क राशि में स्थित हो, तो इसे नीच का मंगल कहा जाता है। ऐसे लोग भावुक ज्यादा होते हैं और कई बार सही समय पर निर्णय नहीं ले पाते। आत्मविश्वास की कमी और छोटी-छोटी बातों से डर जाना भी इसका संकेत माना जाता है।

अशुभ भाव में मंगल का प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार, अगर मंगल छठे, आठवें या बारहवें भाव में बैठा हो, तो व्यक्ति को कोर्ट-कचहरी, दुर्घटना, अनचाहे खर्च और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका प्रभाव अन्य ग्रहों और कुंडली की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

राहु-शनि के साथ युति का प्रभाव

जब मंगल राहु या शनि के साथ आता है, तो व्यक्ति का स्वभाव अधिक आक्रामक और चिड़चिड़ा हो सकता है। कई बार ऐसे लोग बिना वजह गुस्सा करते हैं और रिश्तों में दूरी बढ़ने लगती है, जो अशुभ स्थिति माना गई है।

व्यवहार भी है जिम्मेदार

ज्योतिष के अनुसार, केवल ग्रहों की स्थिति ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के कर्म और व्यवहार भी मंगल को प्रभावित करते हैं। भाई-बहनों से विवाद, गुस्सा, अपशब्द और हिंसक व्यवहार मंगल को और अशुभ बनाते हैं।

कमजोर मंगल के संकेत

बार-बार थकान महसूस होना, काम में उत्साह की कमी, जल्दी हार मान लेना , चोट या रक्त संबंधी समस्याएं कमजोर मंगल के संकेत हैं। वैवाहिक जीवन में तनाव और विवाह में देरी को भी मंगल दोष से जोड़कर देखा जाता है।

मंगल मजबूत करने के आसान उपाय

  • मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ होता है। 
  • भगवान कार्तिकेय और मां दुर्गा की पूजा भी लाभकारी मानी जाती है। 
  • नियमित व्यायाम, योग और अनुशासित जीवनशैली मंगल को मजबूत करने में मदद करती है। 
  • परिवार और भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने से भी मंगल के शुभ प्रभाव को बढ़ते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: 7 जून का विष्कुंभ योग लाएगा मुश्किलें, संभल जाएं ये 3 राशियां, नौकरी-कारोबार-रिश्तों में बढ़ेगी टेंशन

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।