हर साल सावन पूर्णिमा तिथि के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी यानी रक्षासूत्र बांधती हैं। ये राखी मात्रा एक रेशम का धागा नहीं बल्कि अपने भाई के प्रति बहन का प्यार और अटूट विश्वास होता है। बहनों को उम्मीद होती है कि उसका भाई जीवन भर उसका साथ देगा और रक्षा करेगा। राखी बांधते समय बहनें अपने भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहन की हर परिस्थिति में उसकी रक्षा करने का वचन देता है। हिंदू धर्म में राखी बांधने के साथ ही उसे खोलने का भी नियम बताया गया है। राखी कहीं भी उतारकर रखना सही नहीं माना गया है। तो यहां जान लीजिए कलाई से राखी उतारने का सही नियम और विधि।
कलाई से राखी कब खोलनी चाहिए?
राखी बांधने के 24 घंटे बाद इसे उतारा जा सकता है। वहीं कई लोग राखी को 3 से 7 दिन तक बांधें रखते हैं। लेकिन कुछ जगहों पर राखी जन्माष्टमी के दिन उतारा जाता है। कई क्षेत्रों में अनंत चतुर्दशी तक राखी बांधे रखने की परंपरा है।
उतारी गई राखी का क्या करें?
- राखी उतारने के बाद इसे कहीं भी नहीं फेंकना चाहिए और न ही कूड़ेदान या सड़क पर फेंकें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राखी या पुराने रक्षासूत्र को सम्मान के साथ विसर्जन करना चाहिए।
- राखी को किसी पेड़ की शाखा पर भी बांध सकते हैं। पेड़ में राखी बांधते समय वहां एक रुपये का सिक्का भी रखें।
- राखी को सम्मानपूर्वक किसी साफ स्थान पर ही रखें। गंदगी या इधर-उधर फेंकने की भूल बिल्कुल भी न करें।
- राखी उतारने के बाद आप इसे किसी शुद्ध जल, तालाब या नदी में प्रवाहित कर दें।
- राखी उतारने के बाद आप इसे बगीचे में साफ जगह पर जमीन में भी गाड़ सकते हैं।
- भगवान को चढ़ी हुई पूजा सामग्री में भी राखी को रख सकते हैं।
राखी उतारते समय इन बातों का रखें ध्यान
- कलाई से राखी उतारने से पहले भगवान का स्मरण करें।
- सुबह या किसी शुभ समय में राखी को कलाई से उतारें।
- धातु या प्लास्टिक वाली राखी को जल में विसर्जित नहीं करें।
- मंगलवार और शनिवार के दिन कलाई से राखी निकालने से बचना चाहिए।
- राखी उतारते समय ध्यान रखें कि उस समय राहुकाल न चल रहा हो।
- राखी को कभी भी खींचकर या काटकर न तोड़ें। इसे सम्मानपूर्वक खोलें।
- यदि राखी बहुत प्रिय है या खंडित नहीं हुई है तो उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपनी अलमारी में रख सकते हैं।
- राखी को किसी पीपल, तुलसी या बरगद के पेड़ की जड़ में भी साफ मिट्टी के नीचे दबा सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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