Shani Gochar 2025 in Meen Rash: 29 मार्च को शनि गोचर करने वाले हैं। शनिवार को शनि ग्रह रात 9 बजकर 44 मिनट पर शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे। भारतीय ज्योतिष के अनुसार शनि, मकर और कुम्भ राशि के स्वामी है। इनकी दिशा पश्चिम है, तो वहीं इनका तत्व वायु है। शनि एक शक्तिशाली ग्रह है जिसमें बाधा, विनाश और अवसाद की शक्ति भी है। शनि तपस्या, दीर्घायु, वृद्धावस्था, एकाग्रता, अनुशासन, प्रतिबंध सद्गति–दुर्गति और न्याय का प्रतिनिधित्व करता है।
बता दें कि जब शनि का गोचर चंद्र राशि के आठवीं राशि में आता है तो शनि की ढैय्या प्रारंभ होती है, ढैय्या का अर्थ ढाई वर्ष होता है। इस दौरान जो व्यक्ति तीर्थ यात्रा, स्नान और धर्म संबंधी कार्य करते हैं तो उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि शनि के मीन राशि में गोचर से विभिन्न राशि वालों पर क्या प्रभाव होगा। साथ ही जानेंगे कि शनि उनके किस स्थान पर गोचर करेंगे और उसके लिए क्या उपाय करने चाहिए।
मेष राशि
शनि आपके बारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के बारहवें स्थान का संबंध आपके व्यय और शय्या सुख से है। शनि के इस गोचर से आप शय्या सुख का अनुभव करेंगे। अगर आप कई दिनों से किसी बात को लेकर परेशान चल रहे थे तो आप रिलैक्स महसूस करेंगे साथ ही आपको नींद अच्छे से आयेगी। कोई नई स्कीम या ऑफर लेने से पहले सोच-समझकर कदम बढ़ाएं। लिहाजा शनि के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए झूठ बोलने से बचे साथ ही शनि संबंधी उपाय करते रहे।
वृष राशि
शनि आपके ग्यारहवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के ग्यारहवें स्थान का संबंध हमारे आय और इच्छाओं की पूर्ति से होता है। शनि के इस गोचर से आपकी अधिकतर इच्छाओं की पूर्ति होगी। साथ ही आपकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। समाज में आपका मान भी बढ़ेगा। अगर आप कोई नया काम करने की सोच रहें है तो बेझिझक शुरु कर सकते है। आपको सफलता अवश्य प्राप्त होगी। लिहाजा शनि के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:' इस मंत्र का 11 बार जप करें।
मिथुन राशि
शनि आपके दसवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दसवें स्थान का संबंध हमारे करियर, राज्य और पिता से होता है। शनि के इस गोचर से आपके पिता के स्वास्थ्य में थोड़ी दिक्कत आ सकती है। उन्हें पेट
संबंधी समस्या हो सकती है। इसके अलावा आपके जॉब या कार्यस्थल में व्यस्तता बढ़ने की संभावना है। लिहाजा शनि के अशुभ स्थिति से बचने के लिए जरूरतमंद लोगों को आदरपूर्वक खाना खिलाएं।
कर्क राशि
शनि आपके नवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के नौवें स्थान का संबंध हमारे भाग्य से होता है। शनि के इस गोचर से आपके होने वाले कामों में गती आ जायेगी। अगर आप किसी नये बिजनेस की शुरूआत करने की सोच रहे है तो बड़ों की राय जरूर लें भाग्य का साथ जरूर मिलेगा। आर्थिक पक्ष से जुड़ी समस्या हल होंगी। लिहाजा शनि के शुभ स्थिति बनाये रखने के लिए घर की छत पर लकड़ी का समान व्यर्थ में इकट्ठा न होने दें।
सिंह राशि
शनि आपके आठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के आठवें स्थान का संबंध हमारे आयु से है। शनि के इस गोचर से आपके स्वास्थ्य में थोड़ा उतार चढ़ाव हो सकता है। इसके अलावा आपको पिछले किसी बात का डर परेशान कर सकता है। आपको धन कमाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। लिहाजा शनि के अशुभ स्थिति से बचने के लिए काली उड़द की दाल का दान करें।
कन्या राशि
शनि आपके सातवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के सातवें स्थान का संबंध हमारे जीवनसाथी से है। शनि के इस गोचर से आपके दांपत्य रिश्ते में थोड़ी नोकझोंक हो सकती है। शांत रहकर ठंडे दिमाग से काम लें वरना बात का बतंगड़ बन सकता है। बेहतर होगा कि बिजनेस में सोच समझकर फैसला लें। लिहाजा शनि के अशुभ स्थिति से बचने के लिए भवन की दहलीज साफ रखें और उसकी पूजा करें।
तुला राशि
शनि आपके छठवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के छठे स्थान का संबंध हमारे मित्र, शत्रु और स्वास्थ्य से है। शनि के इस गोचर से आपके मित्र किसी बात को लेकर आपसे सहमत नहीं होंगे। शत्रुपक्ष आपको परेशान करने की कोशिश कर सकता है। साझेदारी में कोई काम कर रहे हैं तो आपको उसमें मित्र का सहयोग प्राप्त होगा। लिहाजा शनि के अशुभ स्थिति से बचने और शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए नारियल या बादाम बहते पानी में प्रवाहित करें।
वृश्चिक राशि
शनि आपके पांचवें स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के पांचवें स्थान का संबंध हमारे संतान, बुद्धि, विवेक और रोमांस से है। छात्रों का पढ़ाई में मन लगेगा। शहर या देश से बाहर किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल सकता है। संतान पक्ष की ओर से अच्छी खबर मिलेगी। लवमेट के साथ अपना व्यवहार अच्छा रखें। लिहाजा शनि के शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पैतृक घर की कोठरी में तांबे का घोड़ा या बंदर स्थापित करें।
धनु राशि
शनि आपके चौथे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के चौथे स्थान का संबंध हमारे भवन, भूमि, वाहन और माता से है। शनि के इस गोचर से माता के स्वास्थ्य में थोड़ी समस्याएं आ सकती है। अगर आप कोई जमीन लेने की सोच रहे हैं तो कुछ दिन रुक कर लें वरना परिणाम आपके इच्छा अनुसार नहीं होगा। लिहाजा शनि के अशुभ स्थिति से बचने के लिए शनि की वस्तु जैसे काले कपड़े लोहे के बर्तन आदि का इस्तेमाल करें।
मकर राशि
शनि आपके तीसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के तीसरे स्थान का संबंध हमारे पराक्रम, भाई बहन और यश से है। शनि के इस गोचर से आप खुद को ताकतवर महसूस करेंगे। अभिव्यक्ति में बदलाव आयेगा जिससे आप अपनी बात को अच्छे से रख पायेंगे। भाई बहन के रिश्ते मजबूत होंगे, लेकिन जितना हो सके उनसे नोकझोंक से बचें। लिहाजा शनि के शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए घर की दहलीज पर कील लगाएं।
कुंभ राशि
शनि आपके दूसरे स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका के दूसरे स्थान का संबंध हमारे धन और स्वभाव से है। शनि के इस गोचर करने से आपकी इनकम बढ़ेगी। जब आप किसी से बात करें तो आवश्यकता से अधिक न बोलें वरना आपके बातों का गलत मतलब निकाला जा सकता है। उम्मीद से अधिक आप सेविंग कर पायेंगे। वाणी पर संयम फायदेमंद रहेगा। लिहाजा शनि के शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए दर्शन के लिए घर से मंदिर तक नंगे पैर जाएं।
मीन राशि
शनि आपके लग्न स्थान यानि पहले स्थान पर गोचर करेंगे। जन्मपत्रिका में लग्न यानि पहले स्थान का संबंध हमारे शरीर और मुख से है। शनि के इस गोचर से थोड़ी बहुत स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं तो कई रूकावटों का सामना करना पड़ सकता है। घुटने या पैर में दर्द की समस्या बन सकती है। लिहाजा शनि के शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए तवा, चिमटा या अंगीठी का दान करें।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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