ज्योतिष शास्त्र की मानें तो कुंडली में वक्री शनि पुराने कर्मों के हिसाब-किताब का संकेतक है। जिन लोगों की कुंडली में शनि वक्री होते हैं उन्हें कर्मों का फल मिलने के देरी हो सकती है। साथ ही वक्री शनि व्यक्ति से धैर्य की मांग भी करते हैं। जीवन के अलग-अलग पक्षों पर शनि के वक्री होने का क्या प्रभाव देखने को मिल सकता है, आइए इसे बारे में अब विस्तार से जानते हैं।
सफलता मिलने में देरी
जिन लोगों की कुंडली में शनि वक्री अवस्था में होते हैं उनको जीवन के शुरुआती दौर में बड़े संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों के जीवन में पग-पग पर कठिनाइयां आ सकती हैं। हालांकि, सकारात्मक पक्ष ये है कि संघर्ष करने के बाद ऐसे लोगों को जीवन में बड़ी सफलता भी प्राप्त हो सकती है।
आत्मिक सुधार का संकेत
वक्री शनि व्यक्ति को संकेत देता है कि आत्मिक रूप से वो खुद में सुधार करे। अपनी कमियों को समझे और उनपर काम करे, अपने विचारों को उत्कृष्ट करे और जीवन में अनुशासन को जगह दे। अगर आपकी कुंडली में भी शनि वक्री अवस्था में है तो इन बातों पर आपको विशेष ध्यान देना चाहिए तभी वक्री शनि आपको शुभ परिणाम प्रदान कर सकते हैं।
पिछले जन्मों के कर्मों से संबंध
शनि को ज्योतिष में कर्मफल दाता कहा गया है। अगर आपकी कुंडली में शनि वक्री अवस्था मे हैं तो समझ जाइए पिछले जन्मों के कर्म चक्र से अभी आप छूटे नहीं हैं। इसलिए इस जन्म में आपको बहुत अनुशासन के साथ जीवन जीना है और बुरे कर्मों से छुटकारा पाने के लिए अच्छे कर्म करने पर ध्यान देना है।
शनि वक्री से जुड़ी खास बात
अगर आपकी जन्म कुंडली में शनि शुभ अवस्था में होकर वक्री है और वर्तमान में भी शनि वक्री चल रहे हैं तो आपको अच्छे परिणाम जीवन में मिल सकते हैं। उदाहरण के लिए आपका जन्म साल 1999 का है और जिस दिन आप पैदा हुए उस दिन शनि वक्री थे तो स्वाभाविक है कि आपकी कुंडली में भी शनि वक्री होंगे। वहीं 27 जुलाई 2026 को शनि वक्री चाल शुरू करने वाले हैं ऐसे में शनि का वक्री होना आपके लिए शुभ साबित होगा, आपको कर्मों का फल मिलेगा और आपके अटके काम बन सकते हैं।
वक्री शनि के उपाय
- कुंडली में शनि वक्री हो तो सेवाकार्य आपको करना चाहिए।
- शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करने से आपको शुभ फल मिलते हैं।
- शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी अच्छा होता है।
- जितना आप अनुशासित जीवन जीते हैं उतना ही शनि आपको शुभ परिणाम प्रदान करते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: