Shani Mahadasha: शनि ग्रह की महादशा 19 साल तक चलती है। शनि महादशा के दौरान शुक्र और बुध की अंतर्दशा को बेहद शुभ फलदायक माना जाता है। इन दोनों ही ग्रहों के संबंध शनि से अच्छे हैं ऐसे में जब भी शनि के साथ बुध या शुक्र की अंतर्दशा चलती है तो व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। साथ ही जीवन में चल रहे परेशानियों से भी मुक्ति व्यक्ति को मिल सकती है। आइए जान लेते हैं कि इन दोनों ग्रहों की अंतर्दशा कितने सालों तक चलती है और कैसे-कैसे परिणाम शनि-शुक्र और शनि-बुध की दशा के दौरान आपको मिलते हैं।
शनि की महादशा के साथ बुध की अंतर्दशा
बुध को कारोबार, संचार और वाणी का कारक ग्रह माना जाता है। शनि की महादशा के दौरान बुध की अंतर्दशा 2 साल 8 महीने की होती है। शनि की महादशा में बुध की अंतर्दशा के दौरान व्यक्ति को करियर और कारोबार में आशातीत परिणाम प्राप्त होते हैं। नई जॉब या करियर व्यक्ति शुरू कर सकता है। साथ ही तार्किक क्षमता का भी विकास होता है। इस दौरान आईटी, मीडिया, लेखन आदि के क्षेत्र में व्यक्ति अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकता है। पारिवारिक जीवन में भाई-बहनों के साथ संबंध सुधरते हैं और उनसे सहयोग भी प्राप्त होता है। साथ ही धन-धान्य की भी प्राप्ति आपको होती है।
शनि की महादशा के साथ शुक्र की अंतर्दशा
शनि की महादशा के दौरान शुक्र की अंतर्दशा 3 साल और 2 महीने की होती है। शुक्र और शनि आपस में मित्र हैं इसलिए शनि-शुक्र की दशा व्यक्ति के जीवन में बेहतरीन बदलाव लेकर आती है। इस दशा के दौरान व्यक्ति की रचनात्मकता का विकास होता है और कला के क्षेत्रों में उपलब्धि मिलती है। इसके साथ ही धन-धान्य की भी प्राप्ति होती है। करियर से जुड़ी परेशानियों का अंत भी शनि-शुक्र की दशा के दौरान होता है। भौतिक सुखों की भी आपको प्राप्ति होती है और भूमि-भवन या वाहन भी आप खरीद सकते हैं। शुक्र की अंतर्दशा के दौरान प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी अच्छे बदलाव देखने को मिलते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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