1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Vidur Niti: स्वर्ग से भी ऊपर स्थान पाते हैं ये दो तरह के लोग

Vidur Niti: स्वर्ग से भी ऊपर स्थान पाते हैं ये दो तरह के लोग

 Written By: Laveena Sharma @laveena1693
 Published : Aug 12, 2025 01:41 pm IST,  Updated : Aug 13, 2025 06:17 am IST

विदुर नीति अनुसार जिन पुरुषों में ये गुण होते हैं उन्हें स्वर्ग से भी ऊपर स्थान प्राप्त होता है। जानिए महात्मा विदुर ने अपनी नीति में किन दो गुणों की बात की है।

vidur niti- India TV Hindi
विदुर नीति: स्वर्ग से भी ऊपर स्थान पाते हैं ये दो प्रकार के पुरुष Image Source : CANVA

विदुर नीति मुख्य रूप से हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र और उनके महामंत्री विदुर के बीच हुआ संवाद है जो युद्ध के परिणामों को लेकर हुआ था। जब कौरव और पांडवों के बीच युद्ध की स्थिति बन रही थी तो उस समय विदुर ने धृतराष्ट्र को सही मार्ग दिखाने और युद्ध को टालने के लिए नीतिपरक सलाह दी थी जो विदुर नीति के रूप में सामने आईं। महात्मा विदुर ने उस समय जो अपने अनुभव, बुद्धि और धर्म के आधार पर नीतियों का वर्णन किया था वहीं नीतियां आज भी लोगों का मार्गदर्शन करने का काम कर रही हैं। आज हम विदुर जी की उस नीति के बारे में आपको बताएंगे जिसमें उन्होंने ऐसे दो प्रकार के पुरुष का वर्णन किया है जिन्हें स्वर्ग से भी ऊपर स्थान प्राप्त होता है।

'द्वाविमौ पुरुषौ राजन स्वर्गस्योपरि तिष्ठत:। प्रभुश्च क्षमया युक्तो दरिद्रश्च प्रदानवान्।।'

अर्थ- ये दो प्रकार के पुरुष स्वर्ग से भी ऊपर स्थान पाते हैं- शक्तिशाली होने पर भी क्षमा करने वाले और निर्धन होने पर भी दान देने वाला।

क्षमा करने वाला: विदुर जी का कहना है कि शक्तिशाली और सामर्थ्यवान व्यक्ति के अंदर अक्सर अहंकार की भावना आ जाती है जिससे वह सही-गलत के बीच का अंतर नहीं समझ पाता। लेकिन जो शक्तिशाली होते हुए भी क्षमा की भावना रखता है उसके जैसा आदर्श पुरुष और कोई नहीं है और महात्मा विदुर का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को स्वर्ग के भी ऊपर स्थान प्राप्त होता है। 

दानी स्वभाव: शास्त्रों में दान सबसे पुण्य का काम माना गया है। विदुर नीति अनुसार भी इस संसार में वह व्यक्ति श्रेष्ठ होता है जो गरीब होते हुए भी दान करने यानी दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।मगात्मा विदुर के अनुसार ऐसे व्यक्ति को स्वर्ग के भी ऊपर स्थान प्राप्त होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

क्या है गीत गोविन्द? क्यों बाबा बागेश्वर और इंद्रेश उपाध्याय जी ने इसे बताया भगवान कृष्ण का सबसे चमत्कारी भजन

जन्माष्टमी के बाद शुक्र-बुध की युति से बनेगा लक्ष्मी नारायण योग, इन तीन राशियों को देगा छप्पर फाड़ सफलता

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।